1942 के अमर शहीदों को मिलेगा सम्मान? अवनीश त्यागी ने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया हापुड़ के ऐतिहासिक स्मारक का मुद्दा

Rashtriya Shikhar
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“Will the immortal martyrs of 1942 receive due honor? Avneesh Tyagi raised the issue of Hapur’s historic memorial before the Chief Minister.” IMAGE CREDIT TO अवनीश त्यागी

हापुड़ (शिखर समाचार)। स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों की स्मृतियों को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने सोमवार को लखनऊ में योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर हापुड़ के ऐतिहासिक शहीद स्मृति स्थल को अतिक्रमणमुक्त कराने और उसके व्यापक सौंदर्यीकरण की मांग की। उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के अदम्य साहस और बलिदान का जीवंत प्रतीक है।

भारत छोड़ो आंदोलन की यादों से जुड़ा है स्मारक

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अवनीश त्यागी ने मुख्यमंत्री को बताया कि 11 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अतरपुरा चौराहा पर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों पर ब्रिटिश पुलिस ने गोलियां बरसाई थीं। इस गोलीकांड में चार वीर क्रांतिकारियों ने मातृभूमि की रक्षा और स्वतंत्रता के संकल्प के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। आज भी स्मृति स्थल पर मौजूद गोलियों के निशान उस ऐतिहासिक संघर्ष और बलिदान की कहानी बयां करते हैं।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण रूप से स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति से जुड़ा यह महत्वपूर्ण स्थल वर्षों से उपेक्षा और अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है। स्मारक की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्र के लोगों में गहरी नाराजगी है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से इसकी सुरक्षा, संरक्षण और विकास की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं।

सौंदर्यीकरण से नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा

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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आजादी के अमृत काल में शहीदों के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए इस ऐतिहासिक स्थल को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए तथा इसे एक भव्य और प्रेरणादायी स्मारक के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि स्मारक का संरक्षण और सौंदर्यीकरण किया जाता है तो यह आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने वाला प्रमुख केंद्र बन सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे विषय को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय जनता को उम्मीद है कि सरकार के हस्तक्षेप से स्वतंत्रता संग्राम की इस अमूल्य धरोहर को नया स्वरूप मिलेगा और शहीदों के सम्मान से जुड़ी वर्षों पुरानी मांग जल्द पूरी होगी।

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