बिजनौर (शिखर समाचार)।
नूरपुर पुलिस ने परिवहन विभाग की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 11 स्मार्टफोन, एक लैपटॉप और 12,300 रुपये नकद बरामद किए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट तैयार कर वाहन स्वामियों को झांसे में लेकर पंजीकरण के नाम पर भुगतान कराते थे और रकम अपने खातों में स्थानांतरित कर लेते थे।
फर्जी वेबसाइट बनाकर करते थे एचएसआरपी के नाम पर ठगी
पुलिस पूछताछ में तुषार शर्मा और अरशद गिरोह के मुख्य संचालक निकले। दोनों ने डोमेन और होस्टिंग खरीदकर बुककेएचएसआरपीप्लेट डॉट कॉम तथा बुकमाईएचएसआरपी डॉट कॉम नाम से फर्जी वेबसाइटें तैयार की थीं।
इन वेबसाइटों को असली सरकारी पोर्टल जैसा स्वरूप देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ऑनलाइन उपकरणों और चैटजीपीटी का उपयोग किया गया। वेबसाइटों पर आने वाले लोग इन्हें सरकारी मंच समझकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की बुकिंग के लिए ऑनलाइन भुगतान कर देते थे।
बैंक खातों के जरिए रकम का करते थे बंटवारा
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जांच में यह भी सामने आया कि ठगी से प्राप्त धनराशि मोहित कुमार, अनस, प्रशांत कुमार और मोहम्मद फैजान के बैंक खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद सभी आरोपी आपस में रकम का बंटवारा कर लेते थे।
जिन लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था, उन्हें मोटा कमीशन दिया जाता था। पुलिस अब इन बैंक खातों के लेनदेन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
सात आरोपी गिरफ्तार, अन्य सदस्यों की तलाश जारी
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गिरफ्तार आरोपियों में अनस निवासी रामनगर, नूरपुर; तुषार शर्मा निवासी फैजपुर, नूरपुर; प्रशांत कुमार निवासी पैतिया, स्योहारा; मोहम्मद फैजान निवासी फैजपुर, नूरपुर; मोहित कुमार निवासी अकबरपुर चौधरी, कांठ (मुरादाबाद); अरशद तथा रेहान निवासी इस्लामनगर, नूरपुर शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 11 स्मार्टफोन, एक लैपटॉप (चार्जर सहित) तथा 12,300 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की कुल धनराशि का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
