शामली (शिखर समाचार)।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (पंजीकृत) ने विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं की जानकारी और सहमति के बिना बिजली कनेक्शनों का स्वीकृत भार बढ़ाए जाने के मामले को गंभीर बताते हुए इसका विरोध किया है।
संगठन के सहारनपुर मंडल अध्यक्ष अंकित जैन ने कहा कि विभाग की इस कार्यप्रणाली से व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शनों का भार बिना किसी पूर्व सूचना के बढ़ा दिया गया है, जिसके कारण उनके बिजली बिलों में अतिरिक्त स्थायी शुल्क जोड़ा जा रहा है।
बिना सहमति बिजली भार बढ़ाने का लगाया आरोप
अंकित जैन ने कहा कि किसी भी उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन का भार बढ़ाने से पहले उसकी सहमति लेना तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सूचना देना आवश्यक है।
यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो यह उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल को विभिन्न क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिनमें उपभोक्ताओं ने बिना अनुरोध किए ही अपने कनेक्शनों का भार बढ़ा हुआ पाया है और उसके कारण उनके बिलों में अतिरिक्त शुल्क भी जोड़ा गया है।
जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा ज्ञापन
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उन्होंने बताया कि इस संबंध में व्यापार मंडल शीघ्र ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेगा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, बिना अनुमति बढ़ाए गए बिजली भार को पूर्व स्थिति में बहाल करने तथा उपभोक्ताओं से वसूले जा रहे अतिरिक्त स्थायी शुल्क को निरस्त करने की मांग की जाएगी।
साथ ही संगठन ने जिले के सभी प्रभावित उपभोक्ताओं और व्यापारियों से अपील की है कि वे अपनी शिकायतें तथा संबंधित दस्तावेज व्यापार मंडल को उपलब्ध कराएं, ताकि सामूहिक रूप से इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार किया जाएगा। संगठन ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
