शामली। (शिखर समाचार)
कश्यप एकता समिति और कश्यप एकता क्रान्ति मिशन संगठन के बैनर तले सोमवार को दर्जनों कश्यप समाज के लोगों ने एसपी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मोनू कश्यप हत्याकांड में सीबीआई जांच, पीड़ित परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई और न्याय की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा गया।
सीबीआई जांच और मुआवजे की उठी मांग
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम जसाला निवासी मोनू कश्यप की निर्मम हत्या से क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। आरोप लगाया गया कि पुलिस की लापरवाही के कारण अपराधियों के हौसले बढ़े हैं और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और उन्हें आरोपियों से खतरा भी बना हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए, नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल
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इस दौरान अजय कश्यप, नितिश कश्यप, अक्षित कश्यप, मोहित कश्यप सहित कई लोग मौजूद रहे।
वहीं एसपी एनपी सिंह ने बताया कि पकड़े गए दोनों युवक शुभम और सचित, मृतक के दोस्त थे। देर रात शराब के दौरान फोन के उपयोग को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया।
