शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी मिले कैशलेस इलाज की सुविधा, सांसद राजकुमार सांगवान ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

Rashtriya Shikhar
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Non-Teaching Staff Should Also Get Cashless Treatment Facility, MP Rajkumar Sangwan Writes to Chief Minister IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

मोदीनगर (शिखर समाचार)। बागपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार सांगवान ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिए जाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।

सांसद ने यह मामला उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ की ओर से प्राप्त ज्ञापन के आधार पर मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों एवं अन्य संवर्गों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन चार फरवरी 2026 को जारी शासनादेश के तहत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इस सुविधा से बाहर रखा गया है। इनमें विद्यालयों में कार्यरत लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं।

शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग

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राजकुमार सांगवान ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी विद्यालय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और शिक्षण संस्थानों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित रखा जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ और अंत्योदय की भावना के अनुरूप इन कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह

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सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल किया जाए, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को उपचार के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

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