गाजियाबाद (शिखर समाचार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में गाजियाबाद की पथ विक्रेता बबीता शर्मा का उल्लेख करते हुए उनके संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। प्रधानमंत्री ने बताया कि बबीता पहले सड़क किनारे फूल, दीये, अगरबत्ती, नारियल और अन्य पूजा सामग्री बेचकर परिवार की आजीविका में सहयोग करती थीं। पूंजी की जरूरत पड़ने पर उन्हें पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने अपने स्टॉल पर सामान बढ़ाया, कारोबार और आमदनी बढ़ी तथा धीरे-धीरे उनका छोटा स्टॉल दुकान में बदल गया।
पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी संभाली
नन्दग्राम निवासी बबीता शर्मा ने बताया कि कुछ वर्ष पहले उनके पति का निधन हो गया था। उस समय उनके सामने तीन बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी। उन्होंने हिम्मत जुटाकर घर में बचे करीब पांच हजार रुपये से पूजा सामग्री खरीदी और मंदिर के सामने बेचने का काम शुरू किया, लेकिन पूंजी की कमी के कारण कारोबार आगे नहीं बढ़ पा रहा था। इसी दौरान उन्हें पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी मिली और उन्होंने आवेदन किया। योजना के तहत पहले 10 हजार रुपये का ऋण मिला, जिसे उन्होंने कारोबार में लगाया। इसके बाद 20 हजार और फिर 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इससे उनका छोटा-सा ठिया धीरे-धीरे दुकान में बदल गया। अब उन्होंने योजना के तहत 30 हजार रुपये की ऋण सीमा वाले क्रेडिट कार्ड के लिए भी आवेदन किया है।
बबीता ने कहा कि उनके दो बच्चे अभी स्कूल में पढ़ रहे हैं, जबकि एक बेटा नौकरी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि मोदी उनके लिए बड़े भाई की तरह हैं और उनकी योजनाओं के कारण वह आत्मनिर्भर होकर सम्मान के साथ जीवन यापन कर रही हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के प्रति भी आभार जताया।
पीएम स्वनिधि योजना से बदली जिंदगी
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जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादंड ने कहा कि बबीता शर्मा की सफलता यह दर्शाती है कि सरकार की योजनाएं यदि पात्र लाभार्थियों तक सही तरीके से पहुंचें तो वे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य छोटे पथ विक्रेताओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। बबीता शर्मा ने मेहनत, साहस और उपलब्ध अवसर का सदुपयोग कर इस योजना को सफलता की कहानी में बदला है। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उल्लेख होना जनपद के लिए गौरव की बात है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
बबीता शर्मा की कहानी बताती है कि सीमित पूंजी से शुरू किया गया छोटा कारोबार भी मेहनत, सही मार्गदर्शन और समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता से आगे बढ़ सकता है। यह महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता का प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
