ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। ग्रेटर नोएडा के विकास में किसानों के योगदान को सम्मान देते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने किसानों को बड़ी राहत दी है। शासन के निर्देश पर बोर्ड ने भूमि के मुआवजे की दर 4125 रुपये से बढ़ाकर 6415 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वर्तमान दर के मुकाबले यह करीब 55.5 प्रतिशत की वृद्धि है। पहली बार मुआवजा राशि में एकमुश्त 2290 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी की गई है। छह प्रतिशत आबादी भूखंड लेने वाले किसानों को 5725 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
बोर्ड ने करीब दस वर्ष बाद छह प्रतिशत आबादी भूखंड देने की व्यवस्था भी फिर लागू करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2016 में यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया था। अब आबादी भूखंड लेने वाले किसानों के लिए अलग सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इन सेक्टरों को आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। किसानों को प्राधिकरण के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री करते समय ही आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र जारी करने की व्यवस्था की गई है।
मुआवजे की दरों में हुआ बड़ा बदलाव
प्राधिकरण के अनुसार वर्ष 2023-24 से भूमि का मुआवजा 4125 रुपये प्रति वर्ग मीटर था। इससे पहले वर्ष 2014-15 से 2021-22 तक 3500 रुपये और वर्ष 2022-23 में 3750 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर लागू थी। नई व्यवस्था के तहत भूमि खरीद की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में भूमि अधिग्रहण प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा।
किसानों को पारदर्शी तरीके से मिलेगा मुआवजा
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किसानों को पूरी मुआवजा राशि उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से भेजी जाएगी। आबादी भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल 40 और अधिकतम 2500 वर्ग मीटर होगा। भूमि पर मौजूद परिसंपत्तियों का अलग से मुआवजा दिया जाएगा। प्रमुख मार्गों से लगी भूमि के किसानों को आबादी भूखंड आवंटन में प्राथमिकता मिलेगी।
