हापुड़ (शिखर समाचार)
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) द्वारा जनपद में अवैध प्लाटिंग और निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में बड़ी कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 41 स्थानों पर अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया, वहीं 19 अवैध निर्माणों को सील करने की कार्रवाई की गई। इस सख्ती से अवैध निर्माण कराने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है।
अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर बड़ी कार्रवाई
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प्राधिकरण के प्रभारी सचिव अमित कादियान ने बताया कि एचपीडीए द्वारा सुनियोजित अभियान चलाकर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ प्राधिकरण को शमन स्वीकृति के माध्यम से 4 करोड़ 17 लाख 48 हजार रुपये की धनराशि भी प्राप्त हुई है, जो प्राधिकरण के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान है।
सख्त निगरानी और चेतावनी जारी
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उन्होंने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां कहीं भी अवैध प्लाटिंग या निर्माण की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। इसके लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाता है, जिससे किसी प्रकार का विरोध या बाधा उत्पन्न न हो सके।
अमित कादियान ने कालोनाइजरों और निर्माणकर्ताओं को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी कालोनी का मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का विकास कार्य शुरू न करें। इसी प्रकार भवन निर्माण करने वाले लोग भी आवासीय या वाणिज्यिक भवन का नक्शा स्वीकृत कराने के बाद ही निर्माण कार्य प्रारंभ करें।
अप्रैल में भी जारी रहा अभियान
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उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध निर्माण करता है, तो उसके खिलाफ ध्वस्तीकरण और सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की इस सख्ती का उद्देश्य अवैध निर्माण पर रोक लगाना और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देना है।
प्रभारी सचिव ने बताया कि अप्रैल माह में भी एचपीडीए द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त किया जा रहा है और अवैध निर्माणों को सील किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित मानचित्र की स्वीकृति अवश्य सुनिश्चित कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
