पंचायत चुनाव को लेकर असमंजस, ग्राम प्रधानों ने उठाई आवाज, चुनाव या अवधि विस्तार पर जल्द फैसले की मांग

Rashtriya Shikhar
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Confusion over panchayat elections: village heads raise concerns and demand an early decision on elections or term extension. IMAGE CREDIT TO REPORTER

मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)।

उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिससे प्रदेशभर के ग्राम प्रधानों में चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है, लेकिन अब तक चुनाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होने से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

चुनाव को लेकर असमंजस, प्रधानों में बढ़ी चिंता

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ग्राम प्रधानों का कहना है कि यदि निर्धारित समय पर चुनाव नहीं कराए जाते हैं तो सरकार को मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। उनका तर्क है कि ऐसा न होने की स्थिति में गांवों में चल रहे विकास कार्य प्रभावित होंगे और कई योजनाएं अधर में लटक सकती हैं।

प्रधानों ने यह भी आशंका जताई कि चुनाव में देरी होने पर पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कामकाज बाधित हो सकता है, जिससे ग्रामीण व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।

राज्य मंत्री के आवास पर सौंपा गया ज्ञापन

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इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन से जुड़े सैकड़ों प्रधान मुजफ्फरनगर के गांधीनगर क्षेत्र में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के आवास पर पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रधानों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की।

उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा में हो रही देरी से यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं चुनाव टाले न जाएं, जिसका सीधा असर ग्रामीण विकास पर पड़ेगा।

कार्यकाल विस्तार की मांग, कैबिनेट मंत्री को भी ज्ञापन

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प्रधानों ने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान भी उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया था, जिसके चलते कई ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक और वित्तीय समस्याएं उत्पन्न हुई थीं। उन्होंने इस बार ऐसी स्थिति से बचने के लिए समय रहते ठोस निर्णय लेने की आवश्यकता बताई। इसके बाद ग्राम प्रधानों का प्रतिनिधिमंडल कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के आवास पर भी पहुंचा और उन्हें ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने आग्रह किया कि उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए और जल्द से जल्द इस पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए।

कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने प्रधानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा और इस विषय को कैबिनेट बैठक में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है। फिलहाल प्रदेशभर के ग्राम प्रधानों की निगाहें सरकार के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं। पंचायत चुनाव और कार्यकाल विस्तार को लेकर लिया जाने वाला फैसला ग्रामीण विकास और स्थानीय प्रशासन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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