विश्व मलेरिया दिवस पर व्यापक जागरूकता अभियान, दो विद्यालयों में 2000 से अधिक लोग हुए जागरूक

Rashtriya Shikhar
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On World Malaria Day, a large-scale awareness campaign was conducted, educating over 2,000 people in two schools. IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

गाजियाबाद (शिखर समाचार)।

विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जनपद में मलेरिया से बचाव, रोकथाम एवं समय पर उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस क्रम में जनपद मुख्यालय के अंतर्गत दो प्रमुख विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, शिक्षिकाओं एवं विद्यालय प्रबंधन को मलेरिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया कि मलेरिया से बचने के लिए किन सावधानियों का पालन करना चाहिए और किन गलतियों से बचना आवश्यक है।

विश्व मलेरिया दिवस 2026 की थीम पर जोर

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वर्ष 2026 के लिए विश्व मलेरिया दिवस की थीम “मलेरिया उन्मूलन की ओर तेज कदम: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” निर्धारित की गई है। इसी विषय को केंद्र में रखते हुए आयोजित कार्यक्रमों में मलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक सहभागिता और जनजागरूकता को सबसे प्रभावी उपाय बताया गया।

जागरूकता कार्यक्रम ब्लूम पब्लिक स्कूल, विजय नगर तथा जैन मति इंटर कॉलेज, कविनगर में आयोजित किए गए, जहां कुल मिलाकर लगभग 2000 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति एवं प्रधानाचार्या की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे आयोजन को सफल बनाने में सहयोग मिला।

स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला मलेरिया अधिकारी जी.के. मिश्रा, जनपद महामारी विशेषज्ञ डॉ. शिवी अग्रवाल, सहायक मलेरिया अधिकारी नरेंद्र कुमार, मलेरिया निरीक्षक रजत शुक्ला एवं ज्ञानेश्वर मणि त्रिपाठी, चिकित्साधिकारी डॉ. रितु वर्मा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए मलेरिया के लक्षण, उसके फैलने के कारण, बचाव के उपाय एवं उपचार की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त साथी फाउंडेशन की संचालिका काजल छिब्बर सहित लगभग 20 अन्य स्वास्थ्य एवं मलेरिया कर्मियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।

अधिकारियों ने बताया कि मलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है, जिसके लिए साफ-सफाई बनाए रखना, घरों के आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करना तथा बुखार आने पर तुरंत जांच कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और सतत जागरूकता के जरिए ही मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

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