पीएम श्री स्कूलों में 46 लाख का घोटाला उजागर, डीसी निर्माण की सेवा समाप्त

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
₹46 lakh scam exposed in PM SHRI schools; services of DC Construction terminated. IMAGE CREDIT TO बीएसए फाइल फोटो

शामली (शिखर समाचार)।

जनपद के शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला सामने आया है। पीएम श्री योजना के तहत संचालित विद्यालयों के कृषि फंड में लगभग 46 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। जांच में अनियमितताओं और कूटरचना की पुष्टि होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कड़ा कदम उठाते हुए जिला समन्वयक (डीसी निर्माण) राहुल कुमार की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी।

छह विद्यालयों के कृषि फंड में गड़बड़ी का खुलासा

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

यह मामला ग्राम गंगेरू समेत छह परिषदीय विद्यालयों से जुड़ा है, जहां कृषि फंड के नाम पर संदिग्ध कार्ययोजनाएं बनाकर धन का दुरुपयोग किया गया। गंगेरू विद्यालय से करीब 10 लाख रुपये की गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी, जिसे वर्तमान प्रधानाध्यापक ब्रिजेश शर्मा ने उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया।

जांच में सामने आया कि पूर्व इंचार्ज शिक्षक सचिन कुमार ने कार्यमुक्त होने के बावजूद अधिकारियों से मिलीभगत कर फंड के उपयोग में हस्तक्षेप किया। मुख्य विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट में दस्तावेजों में कार्यदायी संस्था के नाम में बदलाव कर कूटरचना किए जाने और रिकॉर्ड में हेरफेर की पुष्टि हुई।

जांच में कूटरचना और फंड दुरुपयोग की पुष्टि

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

सबसे गंभीर तथ्य यह रहा कि डीसी निर्माण राहुल कुमार द्वारा बीएसए के हस्ताक्षरों का अनाधिकृत प्रयोग किया गया। एडी बेसिक की रिपोर्ट के अनुसार गंगेरू (15.45 लाख) के अलावा दभेड़ा, ऊन, भाज्जू, जलालाबाद और राझड़ सहित छह विद्यालयों में लगभग 46.40 लाख रुपये के कार्यों की संदिग्ध योजनाएं तैयार की गई थीं, जिनमें टाइलीकरण जैसे कार्य शामिल थे।

कार्रवाई की आहट मिलते ही संबंधित अधिकारी ने इस्तीफा देकर बचने का प्रयास किया, लेकिन विभाग ने इसे अस्वीकार करते हुए सीधे सेवा समाप्ति की कार्रवाई की।

बीएसए का बयान और आगे की कार्रवाई

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/

बीएसए लता राठौर ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पहले नोटिस जारी किया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई। पूरे मामले की गहन जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और सभी संबंधित विद्यालयों में हुए कार्यों की जांच की जा रही है। जांच में अन्य दोषी पाए जाने पर रिकवरी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Share This Article
Leave a comment