आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
आस्था, अध्यात्म और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्पों को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण पूरी कमान के साथ जमीन पर उतार रहा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 को ऐतिहासिक, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए जीडीए का पूर्ण समर्पण आज उस समय साफ नजर आया, जब इंदिरापुरम स्थित ‘कैलाश मानसरोवर भवन’ में यात्रा के दूसरे बैच का आगमन हुआ। 48 श्रद्धालुओं और 2 लायजन अफसरों (संपर्क अधिकारी) सहित कुल 50 सदस्यों के इस दल का जीडीए द्वारा बेहद आत्मीयता, श्रद्धा और सम्मान के साथ भव्य स्वागत किया गया। ढोल नगाड़ों और मंत्रोच्चार के बीच हुए इस अभिनंदन से पूरा परिसर शिवमय हो उठा। इस वर्ष करीब 1,000 श्रद्धालुओं के इस पावन यात्रा में शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए जीडीए ने तैयारियों का स्तर बेहद ऊंचा रखा है।
पीएम मोदी और सीएम योगी के संकल्पों को जमीन पर उतार रहा जीडीए
यह भव्य आयोजन केवल एक स्वागत समारोह मात्र नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन का हिस्सा है जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को संजोने के लिए प्रतिबद्ध है। जीडीए के अधिकारी और कर्मचारी इस संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। प्राधिकरण ने यह सुनिश्चित किया है कि सुदूर तिब्बत और हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जाने से पहले श्रद्धालुओं को गाजियाबाद में वह हर जरूरी सुविधा और प्रशिक्षण मिले, जिससे उनकी यात्रा निर्बाध और सुखद बन सके।
पाँच दिवसीय प्रवास और सुरक्षा का अभूतपूर्व चक्रव्यूह
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कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए निर्धारित पांच दिवसीय प्रवास के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जीडीए द्वारा अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा के पहले दिन जहां यात्रियों की शारीरिक और मानसिक मजबूती के लिए विशेष योग एवं प्राणायाम सत्र आयोजित किए गए, वहीं आज दूसरे दिन सुबह खाली पेट मेडिकल एग्जामिनेशन सेंटर में सभी यात्रियों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उन्हें पैक्ड लंच उपलब्ध कराया गया। सायंकाल के समय भजन-संध्या और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को पूरी तरह शिवमय वातावरण का अनुभव कराया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल और उत्साह चरम पर है।
वीजा और फिटनेस प्रमाणपत्र की कमान संभालेगा प्राधिकरण
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प्रवास के तीसरे दिन यात्रियों को फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त कराने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, जिसके लिए बस सेवा सहित भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं जीडीए खुद मुहैया करा रहा है। इसके बाद चौथे दिन सुबह के नाश्ते के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली में वीजा संबंधी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए भेजा जाएगा। वहां से सकुशल वापसी पर उनके लिए हाई-टी और विशेष रात्रि भोज की व्यवस्था की गई है। अंततः पांचवें दिन सुबह ठीक 7:30 बजे सभी शिवभक्तों को उनकी आगे की दिव्य यात्रा और अगले चरण के लिए ढेरों शुभकामनाओं के साथ रवाना किया जाएगा।
सात्विक भोजन से लेकर 24×7 मेडिकल सपोर्ट तक की मुस्तैदी
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जीडीए के शीर्ष अधिकारियों द्वारा इस पूरी यात्रा की सतत निगरानी और समीक्षा की जा रही है। संपूर्ण प्रवास अवधि के दौरान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा यात्रियों के लिए सुरक्षित एवं आरामदायक आवास, शुद्ध व पौष्टिक सात्विक भोजन, तथा 24×7 चिकित्सा सहायता एवं एम्बुलेंस सेवा जैसी विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसके साथ ही शिवभक्तों की आत्मिक शांति के लिए शिव महिमा एवं अन्य आध्यात्मिक साहित्य की उपलब्धता भी कराई गई है। यात्रा संबंधी हर मोड़ पर मार्गदर्शन करने के लिए जीडीए की एक समर्पित टीम चौबीसों घंटे तैनात है। प्राधिकरण का एकमात्र प्रयास है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को आध्यात्मिक गरिमा, सुरक्षा और घरेलू आत्मीयता से परिपूर्ण वातावरण प्राप्त हो, और सभी की यह यात्रा मंगलमय तथा सफल रहे।
