किस्त बकाया वाहनों के नाम पर वसूली और लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, हिस्ट्रीशीटर समेत चार गिरफ्तार

Rashtriya Shikhar
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Gang Involved in Extortion and Robbery Under the Pretext of Recovering Vehicles with Overdue Installments Busted; Four Arrested, Including a History-Sheeter IMAGE CREDIT TO पुलिस

बिजनौर (शिखर समाचार)। फाइनेंस पर लिए गए वाहनों की किस्त बकाया होने का डर दिखाकर कथित अवैध वसूली और लूटपाट करने वाले गिरोह का नगीना थाना पुलिस और विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से किस्त बकाया वाले वाहनों की जानकारी जुटाकर उनके मालिकों को रास्ते में रोकते और वाहन जब्त करने की धमकी देकर रकम वसूलते थे। विरोध करने पर लूटपाट भी की जाती थी।

हिस्ट्रीशीटर समेत चार आरोपी गिरफ्तार, पांच हजार रुपये की लूट का आरोप

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पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पिछले कुछ समय से फाइनेंस वाले वाहनों को जबरन रोककर अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर नगीना थाना पुलिस और एसओजी की टीम को आरोपियों की तलाश में लगाया गया था। नगीना निवासी खालिद ने शिकायत की थी कि उसकी मोटरसाइकिल रोककर आकाश सक्सेना और पुष्पेंद्र ने 56 हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि इसके बाद डराकर उससे पांच हजार रुपये जबरन लूट लिए गए।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पुष्पेंद्र और आकाश सक्सेना को हिरासत में लिया। पूछताछ के आधार पर उनके दो अन्य कथित साथियों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में पुष्पेंद्र नगीना थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया गया है, जबकि आकाश सक्सेना के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। अन्य आरोपियों की पहचान दीपू उर्फ सुनील शेट्टी निवासी सैयद वाला, थाना नगीना और अनुराग सक्सेना निवासी मुरादाबाद के रूप में हुई है।

रेपो एप से जुटाते थे बकाया किस्त वाले वाहनों की जानकारी

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पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य रेपो अनुप्रयोग के जरिए किस्त बकाया वाहनों का विवरण जुटाते थे। इसके बाद वाहन चालकों को रोककर वसूली की जाती थी। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

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