गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
पुलिस आयुक्तालय गाजियाबाद की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को नगर एवं ट्रांस हिंडन जोन के पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने दोनों जोन के सभी रीडरों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की।
बैठक में कार्यालयी कार्यों की गुणवत्ता में सुधार, अभिलेखों के बेहतर रख-रखाव तथा पत्रावलियों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान डीसीपी ने रीडरों को उनके दायित्वों और जिम्मेदारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों में दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया।
अभिलेख प्रबंधन और समयबद्ध निस्तारण पर दिया जोर
गोष्ठी को संबोधित करते हुए पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक इकाई की सफलता उसकी कार्यप्रणाली, अभिलेख प्रबंधन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि रीडर कार्यालय और अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं, इसलिए उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि अभिलेख व्यवस्थित होंगे और पत्रावलियों का निस्तारण समय पर होगा तो विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और आमजन से जुड़े मामलों का समाधान भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश
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बैठक के दौरान डीसीपी ने सभी रीडरों को निर्देश दिए कि कार्यालयों में उपलब्ध अभिलेखों, पत्रावलियों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुव्यवस्थित एवं अद्यतन रखा जाए। रिकॉर्ड प्रबंधन में किसी प्रकार की लापरवाही न केवल प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित करती है, बल्कि आवश्यक सूचनाओं की उपलब्धता में भी बाधा उत्पन्न करती है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक रीडर अपने कार्यालय के अभिलेखों की नियमित समीक्षा करे और उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थित रखे। लंबित पत्रावलियों और प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया।
डीसीपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी फाइल या पत्रावली को अनावश्यक रूप से लंबित रखना विभागीय कार्यों की गति को प्रभावित करता है। सभी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें और विभाग की कार्यकुशलता में वृद्धि हो।
गोष्ठी में कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
