गाजियाबाद (शिखर समाचार)। आयकर विभाग, गाजियाबाद की ओर से आयकर अधिनियम, 2025 एवं आयकर नियम, 2026 के अंतर्गत अनुपालन विषय पर विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसमें करदाता, कर सलाहकार, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कर अधिवक्ता, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा मीडिया कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए कर प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ कर अनुपालन को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करण, सेवानिवृत्त प्रधान आयकर आयुक्त विनय करण, मुख्य आयकर आयुक्त गाजियाबाद शेफाली स्वरूप, प्रधान आयकर आयुक्त गाजियाबाद दीपिका मित्तल, आयकर आयुक्त टीडीएस कानपुर संजय कुमार यादव और आयकर आयुक्त अपील सुरेंद्र मीणा की मौजूदगी रही। अतिथियों का पौध भेंट कर स्वागत किया गया।
नए कर प्रावधानों और टीडीएस अनुपालन पर तकनीकी सत्र
तकनीकी सत्र में संजय चौरसिया, अपर आयकर आयुक्त ने उत्तर प्रदेश पश्चिम एवं उत्तराखंड क्षेत्र के प्रदर्शन की जानकारी दी। संयुक्त आयकर आयुक्त नवाब सिंह ने अग्रिम कर की क्षेत्रवार स्थिति प्रस्तुत की। संजय चौरसिया और सहायक आयकर आयुक्त जितेंद्र गुप्ता ने टीडीएस अनुपालन व्यवस्था पर प्रस्तुति दी। अपर आयकर आयुक्त डॉ. अमरजोत ने पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठनों से जुड़ी कर छूट और अनुपालन आवश्यकताओं की जानकारी दी। सहायक निदेशक आयकर अब्बास मिर्जा ने छोटे करदाताओं की विदेशी परिसंपत्तियों से संबंधित प्रकटीकरण योजना 2026 के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी।
करदाता केंद्रित प्रशासन और स्वैच्छिक अनुपालन पर जोर
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मुख्य आयकर आयुक्त शेफाली स्वरूप ने कहा कि नए प्रावधानों का उद्देश्य कर व्यवस्था को करदाता के लिए सरल और सुविधाजनक बनाते हुए स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना है। उन्होंने विभाग के ‘पहले सुविधा’ दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि विभाग का उद्देश्य कर संग्रह के साथ करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करण ने सरल, पारदर्शी और करदाता केंद्रित प्रशासन के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में आयकर विभाग के अधिकारियों, कर पेशेवरों, व्यापारिक संगठनों और औद्योगिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। समापन पर अतिथियों को स्मृति-चिह्न और पौध भेंट किए गए।
