जेवर (शिखर समाचार)। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परियोजना से प्रभावित युवाओं ने रविवार को तहसील परिसर में बैठक आयोजित कर अपनी लंबित रोजगार संबंधी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। युवाओं ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर विधायक धीरेन्द्र सिंह से न्याय दिलाने की अपील करते हुए कहा कि अब उन्हें केवल जनप्रतिनिधि से ही उम्मीद है।
बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित युवाओं ने हिस्सा लिया। युवाओं का कहना था कि वर्षों से अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के समय उन्हें स्थायी रोजगार देने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अभी तक उन्हें एयरपोर्ट में नियमित नियुक्ति नहीं मिल सकी है।
मुआवजे के बदले चुना था रोजगार का विकल्प, फिर भी नहीं मिली नौकरी
प्रभावित युवाओं ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के दौरान उन्हें रोजगार के बदले मिलने वाली साढ़े पांच लाख रुपये की राशि का विकल्प दिया गया था। उन्होंने राशि लेने के बजाय भविष्य में स्थायी नौकरी मिलने की उम्मीद में रोजगार का विकल्प स्वीकार किया था।
युवाओं का आरोप है कि कई बार साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उन्हें केवल बाहरी एजेंसियों के माध्यम से अस्थायी रोजगार देने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि वे अपनी जमीन परियोजना के लिए देने के बाद अब सम्मानजनक और स्थायी रोजगार की मांग कर रहे हैं।
प्रभावित परिवारों ने आर्थिक संकट का हवाला देकर की हस्तक्षेप की मांग
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बैठक में प्रभावित युवा चांद सैफी ने बताया कि वर्ष 2018 में रोजगार की उम्मीद में उन्होंने मुआवजे से पांच लाख रुपये की राशि कटवाई थी, लेकिन आज तक उन्हें एयरपोर्ट में नियमित नियुक्ति नहीं मिली। वहीं मुजम्मिल खान ने कहा कि रोजगार का वादा पूरा नहीं होने से प्रभावित परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और कई युवा बेरोजगारी की समस्या झेल रहे हैं।
युवाओं ने विधायक धीरेन्द्र सिंह से मांग की कि वह मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों से वार्ता करें और एयरपोर्ट प्रभावित परिवारों के युवाओं को जल्द से जल्द स्थायी रोजगार दिलाने की दिशा में प्रभावी पहल करें।
