गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना साहिबाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सस्ता सोना दिलाने का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 100 ग्राम पीली धातु का सोने जैसा बिस्किटनुमा टुकड़ा और ढाई लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। यह गिरोह इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर लोगों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर सोना उपलब्ध कराने का झांसा देता था और विश्वास में लेकर टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम देता था।
थाना साहिबाबाद में गुरुग्राम निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने इंस्टाग्राम पर बाजार दर से सस्ता सोना बेचने का विज्ञापन देखा था। संपर्क करने पर आरोपियों ने स्वयं को सोना विक्रेता बताते हुए 100 ग्राम 24 कैरेट सोना मात्र 11 लाख रुपये में देने का दावा किया। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने पहले पीली धातु का सोने जैसा बिस्किटनुमा टुकड़ा दिखाकर उसे असली सोना बताया।
बैग बदलकर 10 लाख रुपये की ठगी को दिया अंजाम
राजेंद्र नगर क्षेत्र में सौदा तय होने के बाद पीड़ित अपने साथियों के साथ 11 लाख रुपये लेकर निर्धारित स्थान पर पहुंचा। वहां एक आरोपी उसकी कार में बैठकर रुपये गिनने लगा। बातचीत के दौरान उसने चालाकी से असली नोटों वाला बैग बदल दिया। बाद में जब पीड़ित ने बैग खोला तो उसमें असली रुपये की जगह “भारतीय मनोरंजन बैंक” लिखे नकली नोट भरे हुए थे। इस तरह आरोपी लगभग 10 लाख रुपये की ठगी कर फरार हो गए।
शिकायत मिलने पर थाना साहिबाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो अभियुक्तों सुशील कुमार और आदर्श को गिरफ्तार कर लिया।
गिरोह के अन्य साथियों की तलाश, ठगी की रकम बरामद करने का प्रयास
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पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों नितेश बंसल, विजय उर्फ राहुल, आदित्य दुबे और समीर उर्फ सिफारिश के साथ मिलकर इस पूरे ठगी नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। गिरोह इंस्टाग्राम पर सस्ता सोना बेचने के विज्ञापन जारी करता था और लोगों को अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर पीली धातु का टुकड़ा दिखाकर विश्वास में लेता था। इसके बाद ध्यान भटकाकर असली रुपये लेकर पीड़ितों को नकली नोटों से भरा बैग थमा दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार पीड़ित से ठगे गए 10 लाख रुपये गिरोह के सदस्यों ने आपस में बांट लिए थे। बरामद ढाई लाख रुपये उसी रकम का हिस्सा हैं। एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि बरामद पीली धातु का बिस्किटनुमा टुकड़ा केवल लोगों को भ्रमित करने और विश्वास जीतने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी की शेष रकम की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। साथ ही आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
