हापुड़ (शिखर समाचार)। मुख्य विकास अधिकारी श्रुति शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था में सुधार और वाहन नियमों के प्रभावी पालन को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे, यात्री एवं मालकर अधिकारी प्रीति पांडेय, रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक लक्ष्मण सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक शैलेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पंकज चतुर्वेदी सहित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और स्कूली वाहनों पर सख्ती
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में स्वर्णिम समय के दौरान एंबुलेंस के पहुंचने के समय में सुधार किया जाए। एंबुलेंस की प्रतिक्रिया अवधि की नियमित निगरानी के साथ औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। उन्होंने बिना वैधता प्रमाणपत्र के संचालित स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सभी विद्यालयों को अपने वाहनों के आवश्यक दस्तावेज वैध कराने के निर्देश दिए। साथ ही चालक और परिचालकों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने को कहा।
बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके डीजल और अन्य वाहनों के संचालन पर भी चर्चा हुई। चीनी मिलों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित उपयोग अवधि पूरी कर चुके ट्रकों से गन्ने की ढुलाई न कराई जाए। ऐसे वाहनों को अनापत्ति प्रमाणपत्र देकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से बाहर भेजने अथवा कबाड़ में निस्तारित कराने की कार्रवाई की जाए।
ई-रिक्शा और जाम की समस्या दूर करने के निर्देश
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या पर भी अधिकारियों ने चिंता जताई। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर बुलंदशहर रोड पर रोडवेज बसों को निर्धारित स्थान के बजाय राजमार्ग पर रोकने से होने वाली समस्या को दूर करने, बुलंदशहर कट पर डिवाइडर की समस्या और छिजारसी टोल पर लगने वाले जाम से निजात के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने तेज गति से चलने वाले वाहनों पर निगरानी के लिए गति सीमा कैमरे जल्द लगाने को भी कहा।
