——अप्रैल से अगस्त तक 71.11 करोड़ रुपये की प्राप्ति, जुलाई और अगस्त में राजस्व संग्रहण में असाधारण वृद्धि
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के नेतृत्व में प्राधिकरण ने राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में एक बार फिर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विकास शुल्क मद से चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त तक 7,111.24 लाख रुपये यानी करीब 71.11 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 3,950.33 लाख रुपये यानी करीब 39.50 करोड़ रुपये था। इस तरह एक वर्ष में राजस्व प्राप्ति में 3,160.91 लाख रुपये यानी करीब 31.61 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जो लगभग 80.02 प्रतिशत है।
विकास शुल्क से राजस्व में 80.02 प्रतिशत की बढ़ोतरी
राजस्व में हुई यह बेतहाशा वृद्धि प्राधिकरण की प्रभावी कार्यप्रणाली और राजस्व संग्रहण को लेकर अपनाई जा रही नीतियों की सफलता का संकेत मानी जा रही है। नंदकिशोर कलाल के नेतृत्व में राजस्व की नियमित समीक्षा, लंबित देयों की प्रभावी वसूली और विकास शुल्क से जुड़ी प्रक्रियाओं की निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है।
प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक मई में विकास शुल्क से राजस्व प्राप्ति में करीब 169 प्रतिशत, जून में 109 प्रतिशत, जुलाई में 510 प्रतिशत और अगस्त में लगभग 499 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विशेष रूप से जुलाई और अगस्त में हुई असाधारण वृद्धि ने राजस्व संग्रहण को नई ऊंचाई प्रदान की है। आंकड़े इस बात की ओर भी संकेत करते हैं कि गाजियाबाद में आवासीय निर्माण, अवस्थापना विकास और निवेश से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आई है।

बढ़े राजस्व से शहर के विकास कार्यों को मिलेगी गति
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नंदकिशोर कलाल के नेतृत्व में राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ प्राधिकरण के सामने इस अतिरिक्त आय को शहर के विकास में प्रभावी ढंग से लगाने की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। मजबूत वित्तीय स्थिति से सड़क, यातायात व्यवस्था, जल निकासी, पथ प्रकाश, हरित क्षेत्रों, आवासीय योजनाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
गाजियाबाद में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच प्राधिकरण की वित्तीय क्षमता का मजबूत होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विकास शुल्क से राजस्व में 80.02 प्रतिशत की वृद्धि को नंदकिशोर कलाल की कार्यशैली और राजस्व केंद्रित नीतियों की प्रभावशीलता के रूप में देखा जा रहा है। अब इस बढ़े हुए राजस्व का अधिकतम लाभ नागरिकों को बेहतर सुविधाओं और सुनियोजित विकास के रूप में मिलना शहर के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
