लखनऊ (शिखर समाचार)। भारत और श्रीलंका के पत्रकारों के बीच पेशेवर संबंध मजबूत करने, सहयोगात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देने और मीडिया संस्थानों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के उद्देश्य से इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स की ओर से लखनऊ स्थित यूपी प्रेस क्लब में ‘श्रीलंका और भारत पत्रकार फैलोशिप एवं सहयोग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन की मेजबानी में हुए सम्मेलन में दोनों देशों के पत्रकार संगठनों के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय अतिथियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पत्रकारों के आदान-प्रदान और आपसी सहयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
भारत-श्रीलंका के पत्रकारों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम में सुभाषनि डी सिल्वा की विशेष उपस्थिति रही। वह आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल मिश्रा और महासचिव के. विश्वदेव राव के निमंत्रण पर यूपी प्रेस क्लब पहुंचीं। सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय आयाम देते हुए एशियन मीडिया एंड कल्चर एसोसिएशन के अध्यक्ष पेथुम पेसक्वेल और महासचिव निशांत अल्विस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पत्रकारों और यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने दक्षिण एशियाई देशों के बीच संयुक्त पत्रकारिता प्रयासों, सांस्कृतिक समझ और मीडिया संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
नैतिक पत्रकारिता, प्रेस की स्वतंत्रता और सुरक्षा पर चर्चा
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
सम्मेलन में आईएफडब्ल्यूजे के अध्यक्ष गोपाल मिश्रा, उपाध्यक्ष प्रेम कांत तिवारी, महासचिव के. विश्वदेव राव और कोषाध्यक्ष रजत मिश्रा शामिल हुए। यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन की ओर से अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी, प्रदेश महासचिव देव राज सिंह, लखनऊ इकाई के अध्यक्ष शिव शरण सिंह और सचिव नितिन श्रीवास्तव ने भाग लिया। वक्ताओं ने नैतिक पत्रकारिता, प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने दोनों देशों के पत्रकारों के बीच नियमित संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान को समय की जरूरत बताया।
इस अवसर पर भास्कर दुबे, शिव विजय सिंह, आशीष कुमार सिंह, अविनाश शुक्ला, विजय कुमार त्रिपाठी, हिमांशु दीक्षित, टी.एन. मिश्रा, नजम एहसन, आलोक द्विवेदी और अनिल सैनी सहित यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सम्मेलन को भारत और श्रीलंका के पत्रकारों के बीच संस्थागत सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।
