मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)।
कड़ाके की ठंड हो या तपती धूप एक पिता ने बिना मौसम की परवाह किए मजदूरी कर अपने बेटे को पढ़ाया लिखाया। आज उसी मेहनत का फल मिला, जब बेटा सिपाही बनकर परिवार का नाम रोशन कर गया। यह भावुक कर देने वाली कहानी मुजफ्फरनगर के पुरबालियान गांव निवासी मेहताब अली की है।
पासिंग आउट परेड में भावुक हुआ परिवार
रविवार को पासिंग आउट परेड के बाद जैसे ही मेहताब दौड़कर अपने माता-पिता के गले लगे, वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। बेटे को खाकी वर्दी में देखकर मजदूर पिता अलीशेर का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। वर्षों की मेहनत और संघर्ष उस पल साकार होते नजर आए।
2025 बैच के सिपाही मेहताब अली की शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूलों में हुई। हाईस्कूल से ही विज्ञान विषय में रुचि रखने वाले मेहताब ने बीएससी के बाद केमिस्ट्री में एमएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने एक फार्मा कंपनी में नौकरी भी की, लेकिन उनका सपना सरकारी सेवा में जाना था।
पिता के संघर्ष को बनाया प्रेरणा
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मेहताब का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपने माता-पिता के संघर्ष को याद रखकर पढ़ाई की। अब उनकी पहली प्राथमिकता अपने दोनों छोटे भाइयों को अच्छी शिक्षा दिलाना है। उन्होंने अपने पिता से साफ कह दिया है कि अब वह मजदूरी छोड़ दें और आराम करें।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मेहताब अली की पहली तैनाती बदायूं जनपद के उघैती थाने में हुई है। पासिंग आउट परेड के दौरान परिवार की आंखों में खुशी के आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह सफलता केवल मेहताब की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के संघर्ष और त्याग की जीत है।
