अंगदान देहदान पर केंद्रित वरदान अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 2026 आगामी 26 और 27 फरवरी को दिल्ली में

Rashtriya Shikhar
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The Vardaan International Film Festival 2026, focused on organ donation and body donation, will be held in Delhi on February 26 and 27. IMAGE CREDIT TO दधीचि देहदान समिति और संप्रेषण मल्टीमीडिया

नई दिल्ली (शिखर समाचार) अंगदान और देहदान जैसे संवेदनशील, मानवीय और जीवनदायी विषय को केंद्र में रखकर विश्व का पहला समर्पित फिल्म महोत्सव वरदान अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 2026 आगामी 26 और 27 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय यह आयोजन दिल्ली स्थित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, सूरजमल विहार परिसर में संपन्न होगा। इस पहल का आयोजन दधीचि देहदान समिति और संप्रेषण मल्टीमीडिया के तत्वावधान में किया जा रहा है। महोत्सव का उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इस विषय को व्यापक सामाजिक विमर्श का हिस्सा बनाना है।

27 वर्षों से अंगदान-देहदान के लिए सक्रिय है दधीचि देहदान समिति

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दधीचि देहदान समिति की स्थापना 27 वर्ष पूर्व आलोक कुमार की प्रेरणा से हुई थी। पिछले 13 वर्षों में समिति ने लगभग 1250 अंगदान और नेत्रदान तथा 500 से अधिक देहदान के मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई है। इन प्रयासों से अनेक जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला है और चिकित्सा महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों व शोधकर्ताओं को मानव शरीर रचना के अध्ययन और विभिन्न रोगों के अनुसंधान में महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। चिकित्सा शिक्षा में पार्थिव शरीर को प्रथम मूक गुरु माना जाता है और समिति के प्रयासों ने इस परंपरा को सुदृढ़ किया है।

देशभर में अंगदान और देहदान के लिए कार्यरत 45 संस्थाओं ने कुछ वर्ष पूर्व दधीचि देहदान समिति को नेतृत्व सौंपते हुए एक समन्वित संगठन का गठन किया, जिसके अध्यक्ष के रूप में आलोक कुमार को मनोनीत किया गया। वर्तमान में आलोक कुमार विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी दायित्व निभा रहे हैं। समिति के पूर्व अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा लोकसभा सदस्य निर्वाचित होकर केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि संस्था में उपाध्यक्ष रहीं रेखा गुप्ता वर्तमान में दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं।

26 फरवरी को उद्घाटन, मनोज जोशी लेंगे विशेष सत्र

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महोत्सव का उद्घाटन 26 फरवरी को प्रातः 11 बजे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी। उद्घाटन समारोह में राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा की उपस्थिति रहेगी। इस अवसर पर समिति के संस्थापक एवं संरक्षक आलोक कुमार तथा महोत्सव निदेशक अतुल गंगवार भी मौजूद रहेंगे। सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेंगे।

महोत्सव में देश विदेश से चयनित 70 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन फिल्मों के माध्यम से अंगदान और देहदान की महत्ता, मानवीय संवेदनाएं, सामाजिक जिम्मेदारी और जीवन के पुनर्सृजन की प्रेरक कहानियां दर्शकों तक पहुंचेंगी। आयोजकों का मानना है कि सिनेमा समाज पर गहरा प्रभाव डालता है और इसके जरिए दिया गया संदेश व्यापक जनसमूह तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकता है।

फिल्म प्रदर्शन के साथ संवाद सत्र और 27 फरवरी को पुरस्कार समारोह

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फिल्म प्रदर्शन के साथ निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इससे युवा फिल्मकारों और विद्यार्थियों को रचनात्मक अनुभवों से सीखने का अवसर मिलेगा। 26 फरवरी को दोपहर 2 बजे मनोज जोशी अभिनय की बारीकियां, चरित्र निर्माण और सिनेमा की संवेदनशीलता विषय पर विशेष ज्ञान सत्र लेंगे। 27 फरवरी को वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और हिंदी सिनेमा समीक्षक अनंत विजय सिनेमा के विषय चयन और सामाजिक सरोकार विषय पर मार्गदर्शन देंगे। इसके अतिरिक्त अंगदान और देहदान के महत्व पर विद्यार्थियों और आलोक कुमार के बीच विशेष संवाद भी आयोजित किया जाएगा।

27 फरवरी की संध्या पुरस्कार समारोह को समर्पित होगी, जिसमें चयनित श्रेष्ठ फिल्मों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए सम्मानित किया जाएगा। विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और आकर्षक नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार यह महोत्सव सिनेमा और सामाजिक चेतना के संगम का महत्वपूर्ण प्रयास है, जो इस संदेश को सशक्त करता है कि अंगदान और देहदान मृत्यु के बाद भी जीवन देने की महान मानवीय परंपरा है। समाज के सभी वर्गों से इस आयोजन में सहभागिता की अपील की गई है।

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