आईटीएस मोहन नगर में सीएक्सओ मीट 2025 का भव्य आयोजन, शिक्षा और उद्योग जगत के संगम से उभरा नवाचार का नया अध्याय

Rashtriya Shikhar
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Grand CXO Meet 2025 held at ITS Mohan Nagar, a new chapter of innovation emerges from the confluence of education and industry IMAGE CREDIT TO ITS

गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
आईटीएस मोहन नगर गाजियाबाद में शनिवार को सीएक्सओ मीट 2025 का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन शिक्षा और उद्योग जगत के बीच सहयोग को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। कार्यक्रम में देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों के शीर्ष अधिकारी, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, उद्योग विशेषज्ञ और शिक्षाविद बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य छात्रों को बदलते कॉर्पोरेट माहौल के अनुरूप तैयार करना और उद्योग शिक्षा जगत के बीच मजबूत सेतु का निर्माण करना था।

कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन: आईटीएस के नेतृत्व में दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ, शामिल हुए शीर्ष अतिथि और प्रमुख वक्ता

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कार्यक्रम का शुभारंभ आईटीएस के उपाध्यक्ष अर्पित चड्ढा, मुख्य अतिथि प्रो. विनीता एस. सहाय (निदेशक, भारतीय प्रबंधन संस्थान, बोधगया), परना घोष (अध्यक्ष, समूह प्रमुख कार्यपालक अधिकारी एवं डेटा संरक्षण अधिकारी, यूएनओ मिंडा), विशिष्ट अतिथि राजेश गर्ग (अध्यक्ष एवं समूह प्रमुख कार्यपालक अधिकारी, योट्टा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड), मुख्य वक्ता अशोक शर्मा (उपाध्यक्ष एवं प्रमुख रणनीति नियोजन, अमर उजाला लिमिटेड), निदेशक डॉ. सुनील कुमार पांडेय, स्नातक परिसर की प्रधानाचार्या डॉ. नैंसी शर्मा, एमसीए विभाग की संयोजिका प्रो. पूजा धर और एमबीए विभाग की संयोजिका डॉ. उमा गुलाटी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

आईटीएस के अध्यक्ष डॉ. आर. पी. चड्ढा ने सीएक्सओ मीट के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच छात्रों, शिक्षकों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच संवाद का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है।
उपाध्यक्ष अर्पित चड्ढा ने कहा कि आईटीएस सदैव शिक्षा और उद्योग जगत के बीच समन्वय को प्राथमिकता देता आया है। सीएक्सओ मीट का यह नौवां संस्करण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो युवाओं को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं से जोड़ने में सहायक होगा।

सीएक्सओ मीट: छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव, उद्योग और शिक्षा के बीच संवाद को सशक्त बनाने का मंच

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निदेशक डॉ. सुनील कुमार पांडेय ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि सीएक्सओ मीट का उद्देश्य छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना भी है ताकि वे भविष्य के उद्योग नेतृत्व के लिए तैयार हो सकें। प्रधानाचार्या डॉ. नैंसी शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को नवीन तकनीकी रुझानों, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क की महत्ता समझने का अवसर प्रदान करते हैं। मुख्य अतिथि प्रो. विनीता एस. सहाय ने कहा कि सीएक्सओ मीट उद्योग और शिक्षा जगत के बीच संवाद को सशक्त बनाने की दिशा में एक शानदार पहल है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह नवाचार, विचारशीलता और नेतृत्व का माध्यम बन चुकी है।
परना घोष ने कहा कि ऐसे मंच न केवल छात्रों को प्रेरित करते हैं बल्कि शिक्षकों और संस्थानों को भी यह सोचने का अवसर देते हैं कि शिक्षा को और अधिक उद्योगोन्मुख कैसे बनाया जा सकता है।

राजेश गर्ग ने कहा कि सीएक्सओ मीट भविष्य के युवा नेताओं को दिशा देने वाला सशक्त माध्यम है। मुख्य वक्ता अशोक शर्मा ने कहा कि यह आयोजन शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मजबूत पुल का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार और उद्यमिता नए भारत के विकास के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। उद्घाटन सत्र का संचालन एमसीए विभाग की संयोजिका प्रो. पूजा धर ने किया। सीएक्सओ मीट का मुख्य आकर्षण रहे प्रेरणादायक परिचर्चा सत्र, जिनमें देश के प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। पहले सत्र का संचालन उपकार सिंह (कॉर्पोरेट प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी, गुजरात फ्लोरो केमिकल्स इंडिया लिमिटेड) ने किया। इस सत्र में रंगनाथन वैद्यनाथन अय्यर (समूह मुख्य सूचना अधिकारी एवं कार्यपालक उपाध्यक्ष, जेबीएम समूह), बदर अफाक (समूह प्रमुख सूचना तकनीक, केसीटी समूह), अरिंदम सिंह रॉय (मुख्य सूचना अधिकारी एवं डेटा संरक्षण अधिकारी, ईपीसी), सुनील गौर (निदेशक प्रौद्योगिकी एवं उत्पाद, प्रोटिविटी) और राजेश कुमार (उपाध्यक्ष, ज़ीबिया) शामिल रहे।

सीएक्सओ मीट का टेक सत्र: डिजिटल परिवर्तन, एआई, डेटा एनालिटिक्स और नवाचार से बदलती कॉर्पोरेट संरचना और भविष्य की कार्य संस्कृति पर चर्चा

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इस सत्र में वक्ताओं ने डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण और नवाचार के प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ये तकनीकें कॉर्पोरेट संरचना और रोजगार के स्वरूप को परिवर्तित कर रही हैं। दूसरे परिचर्चा सत्र का विषय रहा भविष्य की कार्य संस्कृति और तकनीकी नवाचार, जिसमें बोहितेश मिश्रा (सह-संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, एवेक्सा सिस्टम्स), डॉ. बी. एस. बंगा (समूह मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, वी-ट्रांस इंडिया लिमिटेड), युगेश कुमार सिंह (सहायक उपाध्यक्ष एवं प्रमुख कॉर्पोरेट आईटी, एस. चंद समूह), संदीप सोलंकी (सहायक निदेशक, अर्न्स्ट एंड यंग) और अरुण कुमार (संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी नवाचार अधिकारी, लोकल एआई वेंचर) शामिल हुए।

वक्ताओं ने कहा कि आने वाले वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉकचेन, स्वचालन और सतत व्यवसाय पद्धतियाँ पूरी तरह से कार्य संस्कृति को बदल देंगी। उन्होंने युवाओं को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स, नैतिकता और नवाचार अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। वक्ताओं ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ उनके प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें नई दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे एमबीए विभाग की संयोजिका डॉ. उमा गुलाटी ने प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ सीएक्सओ मीट 2025 का यह भव्य आयोजन संपन्न हुआ।

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