मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतमबुद्धनगर को दी हरित परिवहन की बड़ी सौगात, 48 बसों को वर्चुअल रूप से दिखाई हरी झंडी

Rashtriya Shikhar
4 Min Read
Yogi Adityanath has given a major boost to green transport in Gautam Buddh Nagar, virtually flagging off 48 buses — IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गौतमबुद्धनगर वासियों को बड़ी सौगात देते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक संचालित होने वाली 45 इलेक्ट्रिक तथा 3 हाइड्रोजन बसों को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी शुभारंभ किया।

इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों का शुभारंभ

ALSO READ:https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/ghaziabad/photo-gallery-gda-decided-in-meeting-10-crossings-widened-and-beautified-in-ghaziabad/2875019

यह कार्यक्रम नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तथा यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में आयोजित किया गया, जबकि मुख्यमंत्री ने लखनऊ से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को हरित गतिशीलता और सतत विकास का दृष्टिकोण दिया है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार भविष्य में शहरों और गांवों को पेट्रोल-डीजल मुक्त पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि 15 जून से देश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन प्रारंभ होने जा रहा है। यात्रियों को सुगम और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के सहयोग से यह सेवा शुरू की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर और अन्य औद्योगिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। ऐसे में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार और भविष्य की योजना

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 15 जून तक तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा तथा मांग के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाकर 500 तक की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेट्रो सेवाओं के साथ अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी में इलेक्ट्रिक बसें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण अब लखनऊ में ही किया जा रहा है, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तीन हाइड्रोजन बसों का संचालन भी शुरू किया जा रहा है, जिन्हें एनटीपीसी द्वारा उपलब्ध कराया गया है। इन बसों के लिए सीवर जल से हाइड्रोजन तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित हाइड्रोजन आधारित परिवहन भविष्य की आवश्यकता है और इससे वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/decorated-a-government-school-with-her-salary/

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तथा निर्माणाधीन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट प्रदेश की नई पहचान बन चुके हैं। प्रदेश में 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। इस अवसर पर सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से जेवर एयरपोर्ट और मेट्रो नेटवर्क के बीच मजबूत कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, विधायक धीरेंद्र सिंह, विधायक तेजपाल नागर, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, प्राधिकरणों के सीईओ और जिलाधिकारी मेधा रूपम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Share This Article
Leave a comment