—–33% आरक्षण को जनगणना और परिसीमन के फेर में न उलझाए सरकार; नागरिक समाज ने उठाई आवाज
नई दिल्ली (शिखर समाचार)। डॉ. रंजना कुमारी, जो सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की निदेशक और विमेन पावर कनेक्ट की अध्यक्ष हैं, ने कहा कि भारत की महिलाओं ने राजनीतिक भागीदारी के लिए बहुत लंबा इंतजार किया है और अब उनके साथ न्याय करने का समय आ गया है। वे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थीं।
लोकतंत्र में सुधार और महिला प्रतिनिधित्व की जरूरत
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर आगामी विशेष सत्र में इस ऐतिहासिक सुधार को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) भारतीय लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व की कमी को दूर करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व वैश्विक औसत (27.2%) की तुलना में लगभग 14% के आसपास है, जो चिंताजनक है। नागरिक समाज का मानना है कि यह सुधार केवल सीटों के आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन को अधिक समावेशी और जवाबदेह बनाने के लिए जरूरी है।
पंचायती राज से मिले सकारात्मक परिणाम
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प्रेस वार्ता में यह भी रेखांकित किया गया कि पंचायती राज संस्थाओं में महिला आरक्षण का अनुभव बेहद सफल रहा है। आज स्थानीय निकायों में 14.6 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि अपनी नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता साबित कर रही हैं।
नागरिक समाज ने आशंका जताई कि जनगणना और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं से जोड़ने पर महिला आरक्षण के लागू होने में देरी हो सकती है। डॉ. रंजना कुमारी ने कहा कि भारत की महिलाओं ने पहले ही दशकों तक इंतजार किया है, अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजनीतिक दलों से प्रमुख मांगें
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- वर्ष 2029 तक आरक्षण लागू करने के लिए सभी दल आपसी सहमति बनाएं।
- दलीय राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी जाए।
- पार्टी के भीतर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए।
- महिला नेताओं की मजबूत कतार तैयार कर उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
इस कार्यक्रम को विमेन पावर कनेक्ट, जॉइंट विमेन प्रोग्राम, सेक्विन और एक्शन इंडिया सहित 1,500 से अधिक संगठनों के नेटवर्क का समर्थन प्राप्त था। प्रेस वार्ता में गायत्री शर्मा, डॉ. एन. हंसा और शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी अपने विचार साझा किए।
