969 किलोमीटर के 28 कांवड़ मार्गों पर रहेगी कड़ी सुरक्षा, 148 बैरियर और 157 नावों की व्यवस्था

Rashtriya Shikhar
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Strict Security to Be Maintained on 28 Kanwar Routes Spanning 969 Kilometers; 148 Barricades and 157 Boats Arranged. IMAGE CREDIT TO POLICE

मेरठ (शिखर समाचार)।

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र में व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध किए गए हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि मेरठ परिक्षेत्र के 969 किलोमीटर लंबे 28 प्रमुख कांवड़ मार्गों पर यात्रा संचालित होगी। इस दौरान 32 प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक तथा 12 श्रावण मेलों का आयोजन होगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए कांवड़ मार्गों पर 148 बैरियर स्थापित किए गए हैं।

969 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा का खाका तैयार

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डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। नदी, नहर और घाटों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 157 नावें और 139 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं। ब्रजघाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, बाढ़ राहत दल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी तैनात रहेंगी।

घाटों और संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी से निगरानी

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घाटों एवं संवेदनशील स्थलों की निगरानी नियंत्रण कक्ष और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दोहरी बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, वाहन पार्किंग, खोया-पाया केंद्र, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और निगरानी मीनार जैसी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

चार जिलों में तय किए गए 28 प्रमुख कांवड़ मार्ग

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मेरठ जिले में सात प्रमुख कांवड़ मार्ग, बुलंदशहर में 10, बागपत में छह तथा हापुड़ में पांच प्रमुख मार्ग निर्धारित किए गए हैं। डीआईजी ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नाविकों और गोताखोरों को पहले से प्रशिक्षित और ब्रीफ किया जाए, सभी नावों में जीवन रक्षक जैकेट उपलब्ध रहें तथा प्रमुख शिव मंदिरों और मेला प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय बनाए रखा जाए।

पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों और घाटों का ही उपयोग करने, गहरे पानी में न उतरने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस या नियंत्रण कक्ष को देने की अपील की है।

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