हापुड़ (शिखर समाचार)। सदर तहसील क्षेत्र के बदनौली गांव में हुई फायरिंग की घटना के बाद जिलाधिकारी कविता मीना ने जिले की सभी शस्त्र दुकानों की जांच कराने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों की टीमें शस्त्र दुकानों पर पहुंचकर वहां रखे हथियारों और कारतूसों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करेंगी। इस कार्रवाई का उद्देश्य शस्त्रों और कारतूसों के रखरखाव तथा उनकी बिक्री से संबंधित अभिलेखों की जांच करना है।
जांच के दौरान अधिकारियों की टीम दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री अभिलेख और लाइसेंसधारकों को बेचे गए कारतूसों का विवरण खंगालेगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि लाइसेंसधारकों ने कितनी मात्रा में कारतूस खरीदे हैं और उनके उपयोग से संबंधित अभिलेख नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
शस्त्र दुकानों के स्टॉक और अभिलेखों का होगा भौतिक सत्यापन
ALSO READ:
अधिकारियों को स्टॉक और अभिलेखों में किसी भी तरह की विसंगति मिलने पर उसकी विस्तृत जानकारी रिपोर्ट में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी कविता मीना ने बताया कि जिले की सभी शस्त्र दुकानों की जांच पूरी कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
गड़बड़ी मिलने पर संचालक और लाइसेंसधारक पर होगी कार्रवाई
ALSO READ:
जांच के दौरान यदि किसी दुकान के अभिलेखों में गड़बड़ी, स्टॉक में कमी अथवा शस्त्र और कारतूसों की बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित दुकान संचालक और लाइसेंसधारक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बदनौली की घटना के बाद प्रशासन की इस कार्रवाई को शस्त्रों के रखरखाव और कारतूसों की बिक्री व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
