इलेक्ट्रॉनिक चिप और रिमोट से सरिया चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

Rashtriya Shikhar
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Gang Stealing Steel Rods Using Electronic Chips and Remotes Busted, 4 Arrested IMAGE CREDIT TO पुलिस

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। स्वाट टीम अपराध शाखा और थाना कविनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर रिमोट की मदद से सरिया चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से चोरी का सरिया लदा ट्रक और 41780 किलोग्राम सरिया बरामद किया है। यह लंबे समय से इस तरह की चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।

पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ शातिर बदमाश कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर रिमोट की सहायता से सरिया चोरी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर स्वाट टीम अपराध शाखा और थाना कविनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी का सरिया लदा ट्रक संख्या बरामद किया गया। ट्रक में 41780 किलोग्राम चोरी का सरिया लदा हुआ था।

बागपत के गोदाम में उतारा जाता था चोरी का माल

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पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी किया गया सरिया बागपत में उतारा जाना था। आरोपी वहां बने एक गोदाम में चोरी का माल उतारते थे। पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे खेल में बुलंदशहर निवासी राजकुमार उर्फ राजू, गाजियाबाद के शास्त्रीनगर निवासी लोकेश शर्मा उर्फ दिवाकर और डासना निवासी आफताब की भूमिका है। इनके कहने पर चोरी का सरिया उद्योग कुंज स्थित धर्मकांटे के बराबर बने गोदाम में उतारा जाता था।

उन्होंने एक वाहन से माल उतारने के बाद राजकुमार उर्फ राजू, आफताब और दिवाकर दूसरे वाहन को मौके पर भेजते थे। इस वाहन में चोरी किया गया सरिया लोड कर उनके ठिकानों तक पहुंचाया जाता था। इस काम से गिरोह के सदस्य मोटा मुनाफा कमाते थे और मजदूरों को उनकी रोजाना की मजदूरी से अधिक रकम दी जाती थी। इसी लालच में वह काफी समय से सरिया चोरी की वारदातों में शामिल थे।

चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुशर्रफ पुत्र अनवर, आसमा पुत्र रिफाकत, ईमरान पुत्र एजाज अली और प्रशांत पुत्र शैलेंद्र कुमार के रूप में हुई है। आफताब और राजकुमार उर्फ राजू पहले भी सरिया चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। आरोपियों ने अपने कई अन्य साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। पुलिस अब इन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

सहायक पुलिस आयुक्त कविनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि क्षेत्र में किसी भी अनैतिक गतिविधि को नहीं चलने दिया जाएगा। पुलिस को जैसे ही इनकी सूचना मिली थी तो तुरंत कार्रवाई की गई है। वहीं, इस संबंध में जो भी लोग जुड़े हुए हैं, उन्हें भी जल्दी गिरफ्तार किया जाएगा।

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