ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर रविवार को विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ‘मिशन शक्तिसैट’ का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम 23 से 31 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। भारत सहित 108 देशों की छात्राओं की सहभागिता से मिशन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप मिला है।
शिक्षा के साथ चरित्र और सामाजिक उत्तरदायित्व जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान के साथ चरित्र, प्रतिभा के साथ संवेदनशीलता और सफलता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव प्रौद्योगिकी, क्वांटम तकनीक और अंतरिक्ष तकनीक तेजी से दुनिया को बदल रही हैं। ऐसे समय में विश्वविद्यालयों को युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के साथ उनमें नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का निर्माण आज का युवा करेगा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के अगले दशक को वैश्विक उत्कृष्टता का दशक बनाने का विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान, आधुनिक विज्ञान और मानवीय मूल्यों के संगम का वैश्विक उदाहरण बन सकता है।
108 देशों की छात्राओं की सहभागिता से मिशन को मिला अंतरराष्ट्रीय स्वरूप
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विशिष्ट अतिथि नंद गोपाल गुप्ता ने मिशन शक्तिसैट को छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विज्ञान, तकनीक, नेतृत्व और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं की क्षमता को बढ़ाते हैं। कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि 108 देशों की छात्राओं का एक मंच पर आना विज्ञान और अंतरिक्ष तकनीक की वैश्विक शक्ति को दर्शाता है।
मिशन के अंतर्गत छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह निर्माण, पेलोड, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रणाली अभियंत्रण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें उपग्रह की परिकल्पना, डिजाइन, विकास और परीक्षण से लेकर अंतरिक्ष में तैनाती तक की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा ने भी वर्चुअल माध्यम से सहभागिता कर छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। समारोह में उत्कृष्ट शोध, पेटेंट और पुस्तकों के प्रकाशन के लिए विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों को सम्मानित किया गया तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।
