हापुड़ (शिखर समाचार)। एसएसवी कॉलेज हापुड़ में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों को लेकर प्रबंधन और शिक्षकों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। सेल्फ फाइनेंस शिक्षक चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के अंतिम निर्णय तक सेवा जारी रखने की मांग कर रहे हैं, जबकि कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि शिक्षकों को इस संबंध में मांगी गई कोई अनुमति नहीं दी गई है। कॉलेज प्रशासन ने अव्यवस्था उत्पन्न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
बीकॉम बंद करने और बीएड सीटें घटाने के प्रस्ताव पर विवाद
कॉलेज पक्ष के अनुसार प्रबंध समिति की छह जून को हुई बैठक में बीकॉम पाठ्यक्रम बंद करने तथा बीएड की सीटें आधी करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद संबंधित शिक्षकों को 19 जून को नोटिस दिया गया। वहीं शिक्षकों का दावा है कि बीकॉम बंद करने और बीएड की सीटें आधी करने संबंधी प्रस्ताव को विश्वविद्यालय ने अनुमति नहीं दी है और उनकी सेवा समाप्ति को कुलपति की ओर से भी कोई अनुमोदन नहीं दिया गया है।
शिक्षकों के अनुसार निर्णय के विरुद्ध तीन शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में अवमानना वाद दायर किया था। उनका दावा है कि न्यायालय ने विश्वविद्यालय को मामले में अंतिम निर्णय लेने के निर्देश दिए तथा अंतिम निर्णय तक शिक्षकों को कार्य करते रहने की अनुमति दी। शिक्षकों का यह भी कहना है कि विश्वविद्यालय ने कॉलेज को अंतिम निर्णय होने तक उनसे कार्य लेने के निर्देश दिए हैं। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
कॉलेज प्रबंधन ने कार्रवाई की दी चेतावनी
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
इस बीच कॉलेज प्राचार्य ने 19 सितंबर 2026 को डॉ. अतुल कुमार गोयल समेत संबंधित शिक्षकों को पत्र जारी किया। पत्र में शिक्षकों पर झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के साथ धमकी भरा पत्र भेजने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि मांगी गई कोई अनुमति नहीं दी गई है। साथ ही कॉलेज में अव्यवस्था उत्पन्न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
