आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के पद पर तैनात कनिका कौशिक के प्रशासनिक सफर में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुकाम जुड़ गया है। फ्रांस के प्रतिष्ठित संस्थान सोर्बोन इंटरनेशनल ने उन्हें पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (लोक प्रशासन) में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा है। इस वैश्विक सम्मान के बाद अब उनके नाम के आगे ‘डॉक्टर’ जुड़ गया है।
मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली डॉ. कनिका कौशिक ने 16 मार्च 2024 को जीडीए में कार्यभार संभाला था। पदभार संभालते ही उन्होंने अपनी कार्यशैली का लोहा मनवाया। अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई से लेकर भूमि अधिग्रहण और वाणिज्यिक विभाग की जटिल जिम्मेदारियों को उन्होंने बेहद कड़े और पारदर्शी अंदाज में संभाला। जून 2024 में जोन-1 के मोरटा क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ हुए बड़े ध्वस्तीकरण अभियान में उन्होंने खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर पूरी कार्रवाई की निगरानी की थी।
कॉरपोरेट से क्लासरूम, फिर प्रशासन तक का सफर
कनिका कौशिक का करियर बेहद बहुआयामी और प्रेरणादायक रहा है। सरकारी सेवा में आने से पहले उन्होंने निजी क्षेत्र में ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’ जैसी दिग्गज कंपनी में बतौर मार्केटिंग एसोसिएट काम किया। इसके बाद मेरठ के प्रसिद्ध सोफिया गर्ल्स स्कूल में शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए नई पीढ़ी को संवारा।
शैक्षणिक रूप से भी उनका रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम (ऑनर्स), महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से मार्केटिंग एवं फाइनेंस में एमबीए और सीसीएस विश्वविद्यालय मेरठ से बी.एड. की डिग्री हासिल की है।

प्रशासनिक कार्यशैली और महिला सशक्तिकरण में सक्रिय भूमिका
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प्रशासनिक गलियारों में अपनी सख्त और परिणामोन्मुखी कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली कनिका कौशिक सामाजिक सरोकारों और महिला सशक्तिकरण में भी लगातार सक्रिय रही हैं। इसी योगदान के लिए वर्ष 2025 में उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल द्वारा ‘महिला सशक्तिकरण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।
तीन बच्चों (दो बेटियों) के परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने कभी अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों से समझौता नहीं किया। बेहतरीन संवाद शैली, सटीक निर्णय क्षमता, मजबूत टीम लीडरशिप और संकट प्रबंधन के दम पर आज वह प्रशासनिक क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बना चुकी हैं। सोर्बोन इंटरनेशनल, फ्रांस से मिली यह डॉक्टरेट उनके समर्पण, प्रशासनिक कुशलता और जनसेवा के प्रति उनकी निष्ठा पर अंतरराष्ट्रीय मुहर है।
