भीड़भाड़ वाले इलाके में मोबाइल चोरी करने वाले गैंग का पुलिस ने किया खुलासा, 1 महिला सहित 4 पुरुष अभियुक्त गिरफ्तार

Rashtriya Shikhar
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Police Bust Mobile Theft Gang Operating in Crowded Areas, Arrest 4 Male Accused and 1 Woman IMAGE CREDIT TO पुलिस

गाजियाबाद (शिखर समाचार)।

थाना साहिबाबाद पुलिस और स्वाट टीम ट्रांस हिंडन ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए मेट्रो स्टेशन व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने गैंग के 5 अभियुक्त जावेद, आयुष उर्फ सदुलै, मोहम्मद अशरफ, गौरव और शाजिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

मेट्रो और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी करने वाला गैंग पकड़ा

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इसी कड़ी में नोएडा निवासी अंकित श्रीवास्तव ने थाना साहिबाबाद में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह दिल्ली से गाजियाबाद मेट्रो के माध्यम से यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान मेट्रो में अत्यधिक भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका आईफोन-13 चोरी कर लिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने मेट्रो स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। साथ ही तकनीकी सर्विलांस, स्थानीय सूचना तंत्र आदि के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। इसके बाद पुलिस ने शालीमार गार्डन ईएसआई कट के पास घेराबंदी कर गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया।

भीड़ का फायदा उठाकर चोरी करते थे मोबाइल, सिम कार्ड कर देते थे नष्ट

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पुलिस पूछताछ में सभी ने बताया कि वह संगठित गिरोह बनाकर मेट्रो स्टेशन, बाजार, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यात्रियों को निशाना बनाते थे। भीड़ और धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर वह बड़ी सफाई से मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर नष्ट कर देते थे, ताकि पुलिस या मोबाइल मालिक उनकी लोकेशन का पता न लगा सके।

इसके बाद चोरी किए गए मोबाइल फोन कम कीमत पर बेचकर प्राप्त धनराशि को आपस में बांट लेते थे और उसी से अपना खर्च चलाते थे। सहायक पुलिस आयुक्त साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया कि यह गैंग भीड़भाड़ वाले इलाके में लोगों को चिन्हित करके मोबाइल चोरी की वारदात को अंजाम देता था। गैंग के सदस्यों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।

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