शामली (शिखर समाचार): सोनम वांगचुक के समर्थन में समाजसेवियों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
शामली। शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों ने सोमवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी मांगें रखीं। समाजसेवी सोराम सिंह के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाने तथा युवाओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
पेपर लीक रोकने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा पर जोर
ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षाविद सोनम वांगचुक छात्रों से जुड़े मुद्दों और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत बताते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
केंद्र सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग
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ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाए, जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया जाए। साथ ही युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन में कहा गया कि देश का युवा बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। युवाओं का विश्वास बनाए रखने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को प्रभावी नीतियां लागू करनी चाहिए। इस अवसर पर परमवीर शास्त्री, पुनीत कुमार, सुभाष कुमार, सतबीर मूछ, सुरेन्द्र, जितेन्द्र, सुंदर सहित अनेक समाजसेवी मौजूद रहे।
