ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के तहत मतदाताओं को अधिक सुविधाजनक और सुगम मतदान केंद्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मेघा रूपम की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुनरीक्षण से पूर्व मतदेय स्थलों के संभाजन की प्रक्रिया के अंतर्गत प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद तैयार की गई सूची पर विस्तार से चर्चा की गई। मेघा रूपम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर मतदेय स्थलों का पुनर्निर्धारण किया गया है, जिससे मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और मतदाता हितैषी बन सके। उन्होंने राजनीतिक दलों को स्वीकृत और अस्वीकृत प्रस्तावों की जानकारी भी उपलब्ध कराई।
17 जुलाई तक दे सकते हैं सुझाव और आपत्तियां
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि को किसी मतदेय स्थल के संबंध में तथ्यात्मक संशोधन अथवा जनहित से जुड़ा कोई सुझाव देना हो तो वह 17 जुलाई की शाम तक संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकता है।
विवादित प्रस्तावों का होगा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण
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उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध परीक्षण किया जाए। जिन प्रस्तावों पर विवाद या आपत्ति है, उनका लेखपाल और बीएलओ के साथ संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर वस्तुस्थिति के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही उच्च आवासीय सोसायटियों में निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप मतदाताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यकतानुसार नए मतदेय स्थलों की स्थापना सुनिश्चित की जाए। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों और जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
