—–उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर कार्रवाई जारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी नियमों का पालन करने की अपील की
देहरादून (शिखर समाचार)। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक निर्माण करने और स्वीकृत मानचित्र के बिना भवन निर्माण किए जाने के मामलों में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। इस अभियान के तहत हरभजवाला, मेहुवाला माफी, शिमला बाईपास रोड, चंद्रमणी रोड और राजपुर रोड स्थित निर्माणों को सील किया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से नियमों को ताक पर रखकर निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की कार्रवाई, छह स्थानों पर सीलिंग
एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में अशरफ अली द्वारा प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना बनाई जा रही छह दुकानों को सील कर दिया। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील किया। प्राधिकरण का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में निर्धारित नियमों के विपरीत व्यावसायिक निर्माण करने और बिना अनुमति भवन तैयार करने के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसी क्रम में मेहुवाला माफी स्थित शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में शाहिद राव द्वारा किए जा रहे दो अलग-अलग निर्माणों पर कार्रवाई की गई। दोनों निर्माण स्थलों को सील किया गया। वहीं, इसी क्षेत्र में फईयाज राव द्वारा किए जा रहे एक अन्य निर्माण के खिलाफ भी प्राधिकरण की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की। इसके अलावा चंद्रमणी रोड पर पूजा विहार के निकट ललित कश्यप द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया गया। राजपुर रोड पर साई मंदिर के निकट अमित गर्ग द्वारा किए जा रहे निर्माण के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थल को सील किया गया।
प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि भवन निर्माण से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत मानचित्र स्वीकृत कराना और आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करना अनिवार्य है। आवासीय भूखंडों का उपयोग भी स्वीकृत भू-उपयोग और संबंधित नियमों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करने पर सीलिंग सहित अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में अनियोजित निर्माण पर अंकुश लगाना और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना है।
सुनियोजित विकास के लिए अभियान जारी रखने के निर्देश
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एमडीडीए की यह कार्रवाई देहरादून में सुनियोजित विकास और भवन निर्माण संबंधी नियमों के अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण होने से भूमि उपयोग, भवन सुरक्षा और क्षेत्र की नियोजित व्यवस्था से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की निगरानी कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई कर रही हैं।
पूरी कार्रवाई संबंधित सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजरों और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। अधिकारियों की निगरानी में चले अभियान के दौरान संबंधित निर्माण स्थलों को सील किया गया। प्राधिकरण ने निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और सभी संबंधित स्वीकृतियां प्राप्त कर लें, ताकि बाद में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। भवन निर्माण से संबंधित नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना प्रत्येक निर्माणकर्ता की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति निर्माण करने और आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीमें ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रही हैं और शहर के व्यवस्थित विकास, नागरिक सुविधाओं तथा निर्माण संबंधी नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
वहीं, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। निर्माणकर्ताओं को भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध सीलिंग सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे निर्माण संबंधी नियमों का पालन करें और देहरादून के सुनियोजित विकास में प्राधिकरण का सहयोग करें।
