ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार): टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ, 100 दिन में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की ओर
केंद्रीय मंत्री ने अभियान का शुभारंभ
विश्व क्षय रोग दिवस 2026 के अवसर पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान टीबी मुक्त भारत ऐप (खुशी e निक्षय मित्र), टीबी फ्री अर्बन वार्ड इनिशिएटिव का उद्घाटन किया गया और नि:क्षय वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो टीबी मरीजों तक घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार 2026 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 100 दिन का यह अभियान जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक सहयोग के जरिए टीबी के खिलाफ लड़ाई को तेज करेगा। आधुनिक तकनीकों के जरिए टीबी की जांच अब अधिक सटीक और तेज हो रही है। पोषण अभियान के माध्यम से मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में टीबी रोकथाम और जनभागीदारी
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उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 7 दिसंबर 2024 से 9 मार्च 2026 तक 3.28 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। एनएटी मशीनों की संख्या 141 से बढ़ाकर 1004 कर दी गई है और लगभग 64 प्रतिशत जांच अब इसी तकनीक से हो रही है। एआई आधारित 87 से अधिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों के जरिए दूरदराज क्षेत्रों में भी जांच संभव हो पाई है। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि घर-घर स्क्रीनिंग, मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और समय पर उपचार सुनिश्चित करके अभियान को व्यापक बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों और टीबी उन्मूलन से जुड़े स्टॉल्स का अवलोकन किया गया। टीबी विजेताओं ने अपने अनुभव साझा किए और उपस्थित लोगों को टीबी मुक्त भारत की शपथ दिलाई। सभी ने इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार, समाज और तकनीक के संयुक्त प्रयासों से टीबी उन्मूलन अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
