शामली (शिखर समाचार)। शहर और जिले को प्रदूषण मुक्त बनाने तथा लोगों को स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शामली जिले के स्थानीय निकाय अध्यक्षों ने नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव और प्रस्ताव रखे। सात सितंबर को क्लीन एयर दिवस के अवसर पर इंदिरा पर्यावरण भवन स्थित गंगा ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मेलन में जिले की तीन नगर पालिकाओं और दो नगर पंचायतों के अध्यक्षों ने प्रतिभाग किया।
प्रदूषण कम करने के लिए अलाव के विकल्प और पौधरोपण का प्रस्ताव
जिला स्थानीय निकाय एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं शामली नगर पालिका के चेयरमैन अरविंद संगल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय निकायों से जुड़ी पर्यावरण संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अरविंद संगल ने बताया कि शामली शहर के 25 वार्डों में सर्दियों के दौरान प्रत्येक वार्ड में तीन से चार स्थानों पर अलाव जलाए जाते हैं। इससे निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है। उन्होंने अलाव के विकल्प के रूप में गैस हीटर, सौर हीटर अथवा अन्य पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने 20 फुट या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के दोनों ओर ट्री-गार्ड लगाकर पौधरोपण कराने तथा डंपिंग ग्राउंड में जमा ठोस कचरे के शीघ्र निस्तारण के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की। पॉलीथिन निर्माण करने वाली फैक्ट्रियों को बंद कराने का प्रस्ताव भी रखा।
प्लास्टिक कचरे से आय बढ़ाने की योजना का सुझाव
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कांधला चेयरमैन नजमुल इस्लाम ने डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे के निस्तारण का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में प्लास्टिक कचरे से प्लास्टिक शीट, स्कूल फर्नीचर और टाइल्स तैयार की जा रही हैं। ऐसी व्यवस्था अपनाने से कचरे का निस्तारण होने के साथ स्थानीय निकायों को आय भी प्राप्त हो सकती है।
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्थानीय निकाय अध्यक्षों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान कैराना चेयरमैन शमशाद अहमद, ऊन नगर पंचायत चेयरमैन प्रदीप कुमार और झिंझाना चेयरमैन सुरेशपाल कश्यप भी मौजूद रहे।
