गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
आईटीएस मोहन नगर गाजियाबाद के चाणक्य सभागार में शुक्रवार को मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित प्रबंधन विकास कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रतिभागियों के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों के व्यवहारिक कौशल, संवेदनशीलता और जनसेवा की क्षमता को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस की बदलती भूमिका पर जोर
समारोह में अपर पुलिस आयुक्त केशव कुमार चौधरी ने कहा कि बदलते समय में पुलिस की भूमिका केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता, संवाद कौशल और मनोवैज्ञानिक समझ भी उतनी ही आवश्यक हो गई है। उन्होंने मिशन शक्ति के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस अभियान के तहत महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा पीड़ितों को कानूनी सहायता के साथ-साथ मानसिक सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।
सहायक पुलिस आयुक्त सलोनी अग्रवाल ने बताया कि गाजियाबाद कमिश्नरेट के 24 थानों में पैरालीगल स्वयंसेवकों की नियुक्ति की गई है, जो महिला पीड़ितों को निःशुल्क सहायता उपलब्ध करा रहे हैं और उन्हें न्याय दिलाने में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने मिशन शक्ति के वर्तमान चरण में जनजागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
पुलिस-शिक्षा संस्थान सहयोग
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आईटीएस शिक्षा समूह के उपाध्यक्ष अर्पित चड्ढा ने इस संयुक्त पहल को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस कर्मियों की कार्यकुशलता और व्यवहारिक दक्षता को मजबूत बनाते हैं तथा उन्हें जनसंपर्क में अधिक प्रभावी बनाते हैं।
कार्यक्रम में अजय कुमार, सुनील कुमार पांडेय तथा नैन्सी शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान लगभग 200 पुलिस प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा संस्थान और प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। अंत में समूह छायाचित्र और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन पुलिस और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
