बिजनौर (शिखर समाचार)। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर अपराध करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बिजनौर में पोलो एप पर पहचान बढ़ाकर एक बुजुर्ग को अपने जाल में फंसाया गया और फिर उन्हें बंधक बनाकर नकदी व जेवर लूट लिए गए। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए लूटी गई रकम और आभूषण बरामद कर लिए हैं।
फर्जी पहचान बनाकर बुजुर्ग को फंसाया
क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह ने बताया कि शहर निवासी विशाल भटनागर ने तहरीर देकर अवगत कराया कि उनके पिता वीरेंद्र भटनागर के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की। आरोपियों ने उनसे सोने की अंगूठी लूट ली तथा उनका मोबाइल छीनकर बैंक का कूटशब्द हासिल कर लिया। इसके बाद उनके खाते से 65 हजार रुपये विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दिए गए।
आम के बाग में बुलाकर बनाया बंधक
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पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पोलो एप पर ‘बेबी’ नाम से एक फर्जी पहचान बनाकर उन्होंने वीरेंद्र भटनागर से संपर्क स्थापित किया था। बातचीत के माध्यम से विश्वास में लेकर 17 अप्रैल को उन्हें आम के बाग में मिलने के बहाने बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया।
चार आरोपी गिरफ्तार, दो अभी फरार
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कोतवाली शहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों मोनिस, समीर, आकिल और अनस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 42,380 रुपये नकद, सोने की अंगूठी और चेन बरामद की है। गिरोह के दो अन्य सदस्य फरदीन और फरहान अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
