बिजनौर (शिखर समाचार)। आजाद समाज पार्टी (आसपा) की प्रस्तावित सत्ता परिवर्तन यात्रा को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों के बावजूद गुरुवार को बिजनौर में पार्टी की रैली का आयोजन हुआ। प्रशासन ने पार्टी प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद सहित कई प्रमुख नेताओं को उनके आवासों पर नजरबंद कर दिया था, लेकिन बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने इंदिरा बाल भवन में कार्यक्रम को सफल बनाया।
आसपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी सत्ता परिवर्तन यात्रा की शुरुआत बिजनौर से करने का आह्वान किया था। रैली से पहले कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर में नीले रंग के बैनर और होर्डिंग्स लगाए थे। गुरुवार सुबह कार्यकर्ताओं के जुटने के साथ ही प्रशासन ने कई स्थानों से होर्डिंग्स हटवाए और शहर में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी।
प्रशासन की सख्ती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता
प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए चंद्रशेखर आजाद को धामपुर स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। इसके अलावा पार्टी के कई अन्य नेताओं को भी घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
बाद में दोपहर के समय बढ़ते दबाव और कार्यकर्ताओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने चंद्रशेखर आजाद को जिला मुख्यालय जाने की अनुमति दे दी।
रैली में चंद्रशेखर आजाद का संबोधन
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रैली स्थल पर पहुंचने पर चंद्रशेखर आजाद का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा को सत्ता गरीबों पर अत्याचार करने या समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने के लिए नहीं सौंपी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की जनता आर्थिक और सामाजिक समस्याओं से जूझ रही है और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं।

32 मुद्दों पर जनसंपर्क अभियान का आह्वान
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चंद्रशेखर आजाद ने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों में पार्टी के समर्थन की अपील करते हुए 32 प्रमुख मुद्दों पर जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य है कि हर गरीब परिवार का बच्चा निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।
प्रशासनिक बंदिशों के बावजूद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया। पार्टी नेताओं ने इसे सत्ता परिवर्तन यात्रा की सफल शुरुआत बताते हुए आगामी चरणों में और बड़े जनसमर्थन का दावा किया।
