मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार): गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
मुजफ्फरनगर। नगर के पंजाबी बारात घर में जाट समाज महासभा, मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में जाट प्रतिष्ठा एवं प्रतिभा अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती के दुष्परिणामों पर गंभीरता से विचार करने और प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया।
रासायनिक खेती से भूमि की उर्वरता प्रभावित: आचार्य देवव्रत
आचार्य देवव्रत ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के लगातार बढ़ते उपयोग से कृषि भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है और मिट्टी की प्राकृतिक शक्ति कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते खेती की पारंपरिक और प्राकृतिक पद्धतियों की ओर वापसी नहीं की गई तो भविष्य में कृषि उत्पादन और किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट आ सकता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती भूमि, जल और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान करने में भी सहायक है। किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाकर कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
समाज सुधार और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
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कार्यक्रम के दौरान बुढ़ाना विकासखंड जाट महासभा के महामंत्री प्रवीण राणा ने आचार्य देवव्रत को गायत्री मंत्र अंकित अंगवस्त्र ओढ़ाकर और महर्षि दयानंद सरस्वती का चित्र भेंट कर सम्मानित किया।
प्रवीण राणा ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, वेदों के आदर्शों को अपनाने, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य के लिए प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
समारोह में समाज की विभिन्न प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जाट महासभा अध्यक्ष देवेंद्र अहलावत, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व विधायक उमेश मलिक, जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान, कुंवर विजयराज सिंह, चमन सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग, किसान और युवा उपस्थित रहे।
