ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश अजय भनोट ने अपने तीन दिवसीय जनपद भ्रमण के अंतिम दिन रविवार को जिला कारागार गौतमबुद्धनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों के अधिकारों, कौशल विकास, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कारागार प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कारागार में बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से सिलाई, कंप्यूटर प्रशिक्षण, योग, ध्यान, संगीत, चित्रकला और नृत्य जैसी गतिविधियों का नियमित संचालन किया जा रहा है।
कारागार में कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अजय भनोट ने कारागार पुस्तकालय और विभिन्न प्रशिक्षण कक्षों का अवलोकन किया। बंदियों ने नृत्य, संगीत, सिलाई और कंप्यूटर प्रशिक्षण से जुड़ी प्रस्तुतियां भी दीं, जिनकी उन्होंने सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
प्रशासनिक न्यायाधीश ने निर्देश दिए कि विदेशी बंदियों के लिए समूह चर्चा, रंगमंच, नुक्कड़ नाटक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का भी नियमित संचालन कराया जाए, ताकि उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण के साथ व्यक्तित्व विकास के अवसर भी मिल सकें। साथ ही विदेशी बंदियों की भाषाओं के अनुरूप पुस्तकालय में पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा हिंदी, अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं की पर्याप्त अध्ययन सामग्री रखने के निर्देश दिए।
बंदियों से संवाद कर समस्याओं की ली जानकारी
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
प्रशासनिक न्यायाधीश ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके मुकदमों और अन्य समस्याओं की जानकारी ली तथा उनके त्वरित एवं विधिसम्मत निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव, अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव सोमप्रभा मिश्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ह्रिकेष पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय कुमार, जेलर आर.के. मौर्य, संजय साही, उप जेलर सुरजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
