डासना देहात में स्वयं सहायता समूह गठन को लेकर जागरूकता बैठक आयोजित

Rashtriya Shikhar
4 Min Read
“An awareness meeting was held in Dasna rural area regarding the formation of self-help groups.” IMAGE CREDIT TO इंस्टीट्यूट

गाजियाबाद (शिखर समाचार)

आईएमएस गाजियाबाद द्वारा 27 मई को ग्राम पंचायत भवन, डासना देहात में स्वयं सहायता समूह (सेल्फ हेल्प ग्रुप) के गठन एवं ग्रामीणों को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों, संस्थान के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय, विशेष रूप से महिलाओं एवं युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं लघु उद्यमों के प्रति जागरूक करना था।

जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत हुआ आयोजन

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-ncr-ghaziabad-news-yamuna-river-rise-threatens-loni-villages-and-crops-submerged-24019250.html

यह आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के जीरो पॉवर्टी अभियान के अंतर्गत संस्थान के प्रबंधन ट्रस्टी सीए डॉ. राकेश छारिया एवं संस्थान की निदेशिका प्रो. (डॉ.) जसकिरन कौर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) जसकिरन कौर ने की। इस अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक की प्रबंधक सुश्री पारस सिंह तथा एनएसएस अधिकारी डॉ. ऋषि कुमार सिंह उपस्थित रहे।

स्वयं सहायता समूह और बैंकिंग योजनाओं की जानकारी

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/

बैठक के दौरान बैंक प्रतिनिधियों द्वारा स्वयं सहायता समूहों की कार्यप्रणाली, बैंकिंग सुविधाओं, सरकारी योजनाओं तथा ऋण सहायता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की गई। ग्रामीण महिलाओं को समूह बनाकर बचत करने, छोटे व्यवसाय प्रारंभ करने तथा वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम हैं, जिससे महिलाएं एवं युवा न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनते हैं बल्कि सामाजिक स्तर पर भी आत्मविश्वास प्राप्त करते हैं।

वक्ताओं ने आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/decorated-a-government-school-with-her-salary/

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) जसकिरन कौर ने कहा कि आज के समय में आत्मनिर्भरता ही विकास की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों का दायित्व केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।

पंजाब नेशनल बैंक की प्रबंधक सुश्री पारस सिंह ने ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा बैंक की चल रही सीएसआर योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी और अपील की कि वे स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपने कौशल का विकास करें तथा छोटे-छोटे उद्यमों के माध्यम से अपने परिवार एवं समाज की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएं।

एनएसएस अधिकारी डॉ. ऋषि कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रकार की पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक जागरूकता एवं आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम हैं, जो उन्हें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करते हैं।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/bank-of-baroda-celebrate-118th-foundation-day/

यह पहल केवल स्वयं सहायता समूहों के गठन तक सीमित नहीं रही, बल्कि नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई। कार्यक्रम ने ग्रामीण समाज में आत्मनिर्भरता, सहयोग एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।

बैठक के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने स्वयं सहायता समूहों के गठन में रुचि दिखाई तथा समाज के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

Share This Article
Leave a comment