हापुड़ (शिखर समाचार)।
सनातन धर्म की आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के सान्निध्य में दिल्ली के छतरपुर स्थित भाटी माइंस क्षेत्र में भव्य आध्यात्मिक आश्रम का निर्माण कराया जाएगा। आश्रम निर्माण के लिए आयोजित भूमि पूजन एवं वैदिक अनुष्ठान में हापुड़ जनपद के शिक्षाविद् एवं समाजसेवी आदेश त्यागी असौड़ा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में देशभर से संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
भव्य आश्रम निर्माण से मजबूत होगी आध्यात्मिक परंपरा
जूना अखाड़ा देश का सबसे बड़ा और प्राचीन नागा साधु अखाड़ा माना जाता है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि इसके सर्वोच्च आध्यात्मिक प्रमुख हैं। कुंभ महापर्व के दौरान शाही स्नान में जूना अखाड़े को प्रथम स्नान का अधिकार प्राप्त है और इस अवसर पर स्वामी अवधेशानंद गिरि संत समाज का नेतृत्व करते हैं।
इसके अलावा वह अखिल भारतीय आचार्य महासभा (पंजीकृत) तथा हिंदू धर्म आचार्य सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी धर्म और संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अब तक उन्होंने लाखों साधु-संतों को संन्यास की दीक्षा देकर सनातन परंपरा को सुदृढ़ किया है।
वेद, संस्कृत और योग अध्ययन का केंद्र बनेगा आश्रम
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भूमि पूजन के अवसर पर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि दिल्ली में बनने वाला यह आश्रम वेद, संस्कृत, योग, आध्यात्मिक साधना और भारतीय संस्कृति के अध्ययन का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां से समाज सेवा, संस्कार निर्माण और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्य संचालित किए जाएंगे, जिससे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर आदेश त्यागी ने कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के करकमलों से संपन्न हो रहे इस पुण्य कार्य में सहभागी बनने का अवसर उनके जीवन का सौभाग्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आश्रम आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक जागरण और मानव सेवा का प्रेरणादायी केंद्र बनकर देशभर के श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करेगा।
