ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश तथा जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर के मार्गदर्शन में जगशांति उद्यान गृह (बालिका गृह), सेक्टर गामा, ग्रेटर नोएडा में किशोरियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का आयोजन एवं अध्यक्षता
बालिका गृह में संचालित समर कैंप के अंतर्गत आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी रावत ने की। शिविर में किशोरियों को उनके विधिक अधिकारों, शिक्षा के अधिकार तथा मानव तस्करी एवं यौन शोषण के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी संरक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
शिवानी रावत ने बताया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे के सर्वांगीण विकास का आधार है और इसके प्रति जागरूक होना आवश्यक है।
मानव तस्करी एवं यौन शोषण पर कानूनी प्रावधान
शिविर में मानव तस्करी और यौन शोषण के विरुद्ध संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया। किशोरियों को बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 23 और 24 के तहत मानव तस्करी, बेगार तथा जबरन मजदूरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम, 1956, पॉक्सो अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनों के माध्यम से पीड़ितों की सुरक्षा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम में जगशांति उद्यान गृह की प्रबंधक निधि, बड़ी संख्या में किशोरियां तथा संस्थान का स्टाफ उपस्थित रहा। शिविर के माध्यम से किशोरियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें कानूनी सहायता और संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
