हापुड़ (शिखर समाचार)। जनपद में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। 18 मई 2026 को हापुड़ में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज होने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि आने वाले दिनों में भी भीषण गर्मी और लू की संभावना बनी हुई है, इसलिए सभी लोग स्वयं, अपने परिवार और आसपास के लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा निर्देशों में लोगों से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर को गमछा, टोपी अथवा छाते से ढककर निकलें। प्रशासन ने कहा कि सिर ढकने से धूप का सीधा असर कम होता है और शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है।
श्रमिकों और नागरिकों के लिए विशेष निर्देश
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श्रमिकों और नागरिकों से कार्य के दौरान बीच-बीच में छायादार स्थान पर विश्राम करने की अपील की गई है। कार्यस्थलों पर ठंडे पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। श्रमिकों के बच्चों के लिए छायादार स्थान उपलब्ध कराने तथा लोगों को तापघात से बचाव के उपायों की जानकारी देने पर जोर दिया गया है। प्रशासन ने बार-बार पानी, नमक-चीनी का घोल और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।
पशु-पक्षियों की सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर जारी
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जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि भीषण गर्मी केवल इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी गंभीर चुनौती है। उन्होंने नागरिकों से घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बर्तन रखने की अपील की ताकि पशु-पक्षियों को राहत मिल सके। साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और कार्यालयों को लोगों को गर्मी से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपातकालीन सहायता के लिए पुलिस हेल्पलाइन 100 और 112, एम्बुलेंस सेवा 108, राहत आपदा नियंत्रण कक्ष 1070 तथा जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
