आवास विकास परिषद की बड़ी उपलब्धि: सिद्धार्थ विहार में 157 भूखंडों का पारदर्शी आवंटन संपन्न, अब डिफ़ॉल्टर्स को ओटीएस से मिलेगी दंड ब्याज से मुक्ति

Rashtriya Shikhar
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Major achievement of the Housing Development Council: Transparent allotment of 157 plots completed in Siddharth Vihar; now defaulters will get relief from penal interest through OTS (One-Time Settlement). IMAGE CREDIT TO आवास विकास

आरव शर्मा
गाजियाबाद(शिखर समाचार)।
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने गाजियाबाद में विकास और पारदर्शिता की एक नई मिसाल पेश की है। परिषद के मेरठ जोन के अंतर्गत संचालित सिद्धार्थ विहार योजना (सेक्टर-10) में नवसृजित आवासीय भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया को पूरी ईमानदारी और सफलता के साथ पूरा कर लिया गया है। इस सफल आवंटन से परिषद को लगभग 160 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होगी, जो क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में एक बड़ा योगदान है।

पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ ड्रॉ और वीडियोग्राफी

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परिषद ने आम जनता के भरोसे को कायम रखते हुए पूरी आवंटन प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी बनाया। इसके लिए बाकायदा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। इस योजना के तहत कुल 157 आवासीय भूखंडों (72 वर्ग मीटर के 56 नग तथा 112.50 वर्ग मीटर के 101 नग) के लिए बीते 2 मार्च से 31 मार्च 2026 तक सामान्य पंजीकरण खोला गया था।

आज, 18 मई 2026 को वसुंधरा योजना के सेक्टर-16 स्थित सेन्ट्रल मार्केट के प्रथम तल पर बने हॉल में पूरी पात्रता और नंबरिंग प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। आवंटन में सबसे पहले उन आवेदकों को प्राथमिकता दी गई जिन्होंने एकमुश्त भुगतान का विकल्प चुना था। इसके बाद बचे हुए भूखंडों के लिए किस्तों का विकल्प चुनने वाले आवेदकों का चयन किया गया।

अधिकारियों की कुशल कार्यशैली से मिली सफलता

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इस पूरी जटिल प्रक्रिया को सुगम और विवाद-रहित बनाने में परिषद के अधिकारियों ने अपनी उत्कृष्ट कार्यकुशलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। मेरठ जोन के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में इस पूरी प्रक्रिया को बेहतरीन ढंग से प्रबंधित किया गया।

इसके साथ ही गाजियाबाद के संपत्ति प्रबंधक पी. एस. रावत, निर्माण खंड गाजियाबाद-02 के अधिशासी अभियंता विकास कुमार गौतम, सहायक लेखाधिकारी के. एन. सोनी और वरिष्ठ सहायक महेश कुमार लश्करी ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस पूरी आवंटन प्रक्रिया को समयबद्ध और त्रुटिहीन तरीके से अमलीजामा पहनाया। अधिकारियों की इस सजगता और त्वरित निर्णय क्षमता की वजह से जनता का भरोसा परिषद पर और मजबूत हुआ है।

डिफ़ॉल्ट आवंटियों के लिए सुनहरा मौका: 18 जुलाई तक उठाएं ओ टी एस योजना का लाभ

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आवास एवं विकास परिषद ने उन आवंटियों को भी एक बड़ी राहत दी है जो किसी कारणवश अपनी किस्तों का भुगतान समय पर नहीं कर पाए थे। संपत्ति प्रबंध अधिकारी पी. एस. रावत (गाजियाबाद/मंडोला) ने समाचार पत्र के माध्यम से गाजियाबाद शहर और मंडोला विहार के सभी डिफ़ॉल्ट आवंटियों से एक विशेष अपील की है।

शासन और परिषद की जनहितैषी नीतियों के तहत 18 अप्रैल 2026 से 18 जुलाई 2026 तक ओटीएस एकमुश्त समाधान) योजना लागू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आवंटियों को भारी दंड ब्याज से मुक्ति दिलाना है।

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ऑनलाइन आवेदन: डिफ़ॉल्ट आवंटी घर बैठे ‘आवास बंधु’ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ऑफलाइन सहायता: जो लोग ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं, उनकी सुविधा के लिए संपत्ति कार्यालय, गाजियाबाद में एक ‘ओटीएस हेल्प डेस्क’ की स्थापना की गई है। यहाँ अधिकारी और कर्मचारी आवंटियों की पूरी मदद कर रहे हैं।

परिषद ने सभी डिफ़ॉल्ट आवंटियों से आग्रह किया है कि वे शासन की इस बेहद उदार और लाभकारी योजना का समय रहते लाभ उठाएं और अपने ऊपर बकाया दंड ब्याज के बोझ को पूरी तरह खत्म करें।

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