गाजियाबाद (शिखर समाचार)। आईएमएस गाजियाबाद समूह संस्थान में राष्ट्रप्रेम, एकता और देशभक्ति की भावना से ओत प्रोत 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि आचार्य प्रमोद कृष्णम, प्रसिद्ध कवयित्री एवं लेखिका अनामिका जैन अंबर, संस्थान के महासचिव सीए (डॉ.) राकेश छारिया तथा कार्यकारिणी परिषद सदस्य सीए विदुर छारिया ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण कर किया। इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
समारोह में स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों को स्मरण करते हुए देश की एकता, अखंडता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार किया।
युवा पीढ़ी भारत की वास्तविक शक्ति : आचार्य प्रमोद कृष्णम
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संस्थान के महासचिव राकेश छारिया ने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी है। आज के युवा विकसित और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला हैं। युवाओं को ज्ञान, कौशल और चरित्र के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
मुख्य अतिथि आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी युवा पीढ़ी, संस्कृति और संस्कारों में निहित है। स्वतंत्रता दिवस व्यक्तिगत विकास के साथ राष्ट्र के विकास को प्राथमिकता देने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने युवाओं से देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने तथा भारतीय मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने पर जोर
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कवयित्री अनामिका जैन अंबर ने कहा कि देशभक्ति केवल शब्दों और भावनाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कर्मों में दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने तथा अपनी जड़ों और मातृभूमि से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। उनके ओजपूर्ण काव्य पाठ ने समारोह में उत्साह भर दिया।
कार्यकारिणी परिषद सदस्य विदुर छारिया ने कहा कि शिक्षण संस्थान का दायित्व विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है। समारोह के समापन पर उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के साथ विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
