गाजियाबाद (शिखर समाचार)। ग्रामीण जोन पुलिस ने मोबाइल चोरी और गुम होने की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। ग्रामीण जोन के सभी थानों के साथ साइबर और सर्विलांस टीमों ने संयुक्त प्रयास कर विभिन्न कंपनियों के 315 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये है। पुलिस ने मोबाइल फोन की पहचान करने के बाद उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिए है।
साइबर और सर्विलांस टीम ने तकनीकी मदद से खोजे मोबाइल
इसी कड़ी में ग्रामीण जोन के विभिन्न थानों पर मोबाइल चोरी और मोबाइल गुम होने से संबंधित शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए ग्रामीण जोन की साइबर टीम ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल की मदद ली। इसके अलावा सर्विलांस और मैनुअल इनपुट के आधार पर भी मोबाइल फोन की तलाश की गई। तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करते हुए पुलिस टीमों ने अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया।
पुलिस की कार्रवाई में ग्रामीण जोन के सभी थानों और साइबर/सर्विलांस टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बरामद मोबाइल फोन की पहचान उनके स्वामियों के माध्यम से कराई गई और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल फोन उन्हें सुपुर्द कर दिए गए।
लोनी से भोजपुर तक अलग-अलग थानों से बरामद हुए मोबाइल
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लोनी थाना क्षेत्र से 22, ट्रॉनिका सिटी से 30, अंकुर विहार से 27, लोनी बॉर्डर से 44, मसूरी से 59, मुरादनगर से 35, मोदीनगर से 47, निवाड़ी से 23 और भोजपुर थाना क्षेत्र से 28 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस तरह सभी थाना क्षेत्रों से 315 मोबाइल फोन बरामद हुए। संवाददाता सम्मेलन में डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में नागरिकों को तत्काल शिकायत दर्ज कराने के साथ अपने मोबाइल का विवरण उपलब्ध कराना चाहिए। सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल जैसी तकनीकी व्यवस्था और पुलिस की साइबर टीम के प्रयासों से चोरी या गुम हुए मोबाइल को ट्रेस करने में मदद मिलती है।
ग्रामीण जोन पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल लोगों को उनके कीमती मोबाइल वापस मिले हैं, बल्कि मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में भी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
