ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के विशेष सत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि डिजिटल बाजार, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और सुशासन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो सेंटर बदलते भारत और उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ गांवों, कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों तक पहुंचाना है।
डिजिटल बाजार और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर जोर
उन्होंने कहा कि प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है तथा डिजिटल बाजार और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के साथ निर्यात केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। वाराणसी सहित प्रमुख केंद्रों पर परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग और सीमा शुल्क से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि प्रत्येक जिले के कॉमन फैसिलिटी सेंटर को हाईटेक स्टूडियो के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ब्रांडिंग, प्रचार, त्रिआयामी और उच्च गुणवत्ता वाली फोटोग्राफी तथा पैकेजिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार के अनुरूप प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।
हस्तशिल्प कारोबारियों से डिजिटल मंचों पर ब्रांडिंग बढ़ाने का आह्वान
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उन्होंने कहा कि सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, भदोही के कालीन और मुरादाबाद के हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रमाणन, ऑनलाइन अनुमति और उत्पाद की पहचान सुनिश्चित करने वाली व्यवस्थाओं पर काम हो रहा है।
उद्योग आयुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने हस्तशिल्प कारोबारियों से इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित डिजिटल मंचों पर विपणन और ब्रांडिंग बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बेहतर लाभ पर ध्यान देने तथा स्थानीय विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया।
